राजकीय इंटर कॉलेज में मूल्यांकन करते शिक्षक। संवाद
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मैनपुरी। माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट में नए शिक्षा आयोग में सेवा सुरक्षा और प्रमोशन संबंधी धाराओं को शामिल न किए जाने से आक्रोश है। आक्रोशित शिक्षकों ने संबंधित धाराओं को नए आयोग में शामिल करने के लिए आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रथम चरण में शिक्षकों ने इसकी शुरूआत यूपी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य से की है। बुधवार को मूल्यांकन कार्य के पहले दिन शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए मूल्यांकन कार्य का विरोध किया।
संघ के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य कृष्णानंद दुबे ने जिले में चारों स्थान पर चल रहे मूल्यांकन कार्य में आंदोलन के लिए अपने पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। राजकीय इंटर कॉलेज मैनपुरी और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मैनपुरी पर कृष्णानंद दुबे और जिला मंत्री मुकेश चौहान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। जैन कॉलेज करहल और नरसिंह यादव इंटर कॉलेज करहल में जिलाध्यक्ष यदुवीर नरायण दुबे और पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक यादव को आंदोलन के नेतृत्व की कमान सौंपी गई है।
जिलाध्यक्ष यदुवीर नरायण दुबे का कहना था कि नए शिक्षा आयोग में सरकार ने चयन आयोग को निरस्त कर दिया है। इसके चलते शिक्षा सेवा सुरक्षा और प्रमोशन की धारा, 12, धारा 18 और धारा 21 निष्क्रिय हो गई हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में संगठन और सदन में सरकार ने संबंधित धाराओं को नये शिक्षा आयोग में शामिल करने का भरोसा दिया था लेकिन अब सरकार वादा खिलाफी कर रही है। उनका कहना था कि अभी तो संगठन काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करते हुए मूल्यांकन कार्य कर रहा है। जल्द ही संगठन इस पर दूसरे चरण के आंदोलन का निर्णय लेगा। यदि सरकार समय रहते उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो सरकार को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं करती तब तक काली पट्टी बांध कर ही शिक्षक मूल्यांकन कार्य करेंगे।