गोकुलपुरा टीला के रहने वाले चिंकी नरवार ने बताया कि क्षेत्र में पार्षद निधि से पानी की टंकी लगी है। बृहस्पतिवार शाम 7:30 बजे टंकी पर वाल्मीकि समाज के 10-12 साल के 2-3 बच्चे हाथ-पैर धो रहे थे। टंकी के सामने ही पार्षद पति राजेश प्रजापति के भाई वीरेंद्र की परचूनी की दुकान है। आरोप है कि वीरेंद्र ने पानी फैलाने के लिए मना किया और बच्चों को पीटकर भगा दिया। जातिसूचक शब्द भी बोले।
बच्चे रोते हुए अपने घर पर पहुंचे। इस पर समाज के लोगों ने पड़ोस की बस्ती में रहने वाले सफाई मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष भुल्ले नरवार को जानकारी दी। वह अपने बेटे बल्लू सहित अन्य लोगों के साथ वीरेंद्र प्रजापति की दुकान पर आए। इसी दौरान दोनों समाज के लोग जुट गए।
बताया गया है कि तमंचे, लाठी-डंडे और फरसे से लैस लोगों ने गालीगलौज के बाद मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद पथराव हो गया। दोनों तरफ से ईंट-पत्थर फेंके जाने लगे। इससे अफरातफरी मच गई। कुछ लोगों ने वीरेंद्र की दुकान के बाहर रखे सामान में आग लगा दी। एक स्कूटी को नाले में फेंक दिया। चंद कदम की दूरी पर पुलिस चौकी से फोर्स पहुंचा। मगर, लोग नहीं माने। आधा घंटे तक बवाल होता रहा। फायरिंग भी की गई। सूचना पर आसपास के सर्किल के थानों की फोर्स पहुंच गई। इस पर बलवाई भाग गए।
दोनों पक्ष ने लगाए आरोप
फायरिंग में प्रजापति समाज की लक्ष्मी देवी के सीधे हाथ की कोहनी में गोली लगने की बात कही जा रही है। इस पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राजेश प्रजापति पक्ष का कहना है कि उनसे बल्लू ने मारपीट और पथराव किया गया। उनके घरों के कैमरे तक तोड़ दिए गए। फायरिंग की गई। उधर, घायल भुल्ले और बल्लू ने थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी। बल्लू का कहना है कि फरसे और लाठियों से हमला किया गया। फरसा मारे जाने से उसके सिर में चोट लगी है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ईंट-पत्थर से पट गईं गलियां
टीला गोकुलपुरा में एक तरफ वाल्मीकि समाज तो दूसरी तरफ प्रजापति समाज के लोगों के घर बने हुए हैं। जिस समय बवाल हुआ, उस समय लोग घरों के बाहर ही बैठे हुए थे। बवाल होता देखकर लोग घरों में कैद हो गए। वहीं पथराव से नाले के पास की गलियां ईंट और पत्थर से पट गईं।