आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में समस्याओं के समाधान के लिए लगातार चक्कर काटने को मजबूर हैं। छात्रों का आरोप है कि पांच-छह बार चक्कर काटने के बाद अंकतालिका में सुधार नहीं हुआ और न ही अंक दर्ज हुए। सोमवार को हेल्प डेस्क और अधिकारियों के कार्यालय के बाहर समस्याओं के समाधान के लिए छात्रों की भीड़ लगी रही।
विश्वविद्यालय में सोमवार को 450 से अधिक छात्र समस्याएं लेकर पहुंचे। इसमें अंकतालिका में नाम में त्रुटि, विषयों के अंक दर्ज न होने, डिग्री न मिलने, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का समापन, माइग्रेशन समेत अन्य परेशानी वाले रहे। इससे हेल्प डेस्क और सहायक कुलसचिव कार्यालय के बाहर छात्रों की भी भीड़ जमा रही। छात्रों का आरोप है कि चार-पांच बार चक्कर काटने पर भी अंकतालिका में सुधार नहीं हुआ और नहीं अंक दर्ज हुए। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि अंकतालिका में अंक दर्ज न होने वाले मामलों का अधिकांश समाधान हो गया है, बाकी के आने वाले प्रार्थनापत्रों का भी संबंधित विभाग के जरिये समाधान कराया जा रहा है।
दयालबाग के प्रियांशु राव गौतम ने बताया कि उनकी बीए द्वितीय वर्ष 2021 के मनोविज्ञान विषय में अंक दर्ज नहीं हुए हैं। उनकी अंकतालिका में मार्क अवेटिंग लिखा आ रहा है। इसे ठीक कराने के लिए दो बार प्रार्थनापत्र दिया है, लेकिन अभी इसमें अंक दर्ज नहीं हुए।
लोहामंडी के राशिद ने बताया कि बीएससी 2021 के भौतिक विज्ञान के द्वितीय प्रश्नपत्र में 50 अंक हैं, लेकिन मेरा पेपर बेहतर हुआ था। इसके लिए री-परीक्षा देने के बाद अंकतालिका में वही अंक दर्ज आए हैं, मैंने मूल्यांकन चुनौती देने के लिए फॉर्म भी भरा है।