रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए आगरा के संयुक्त शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के माध्यमिक शिक्षा विभाग में फिर भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। संयुक्त शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा को विजिलेंस ने रिश्वत लेते पकड़ा है। भ्रष्टाचार की जड़ें विभाग में गहरी होती जा रही हैं। फर्जी नियुक्ति प्रकरण की जांच चल रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के एक कर्मचारी को रिश्वत लेने में विजिलेंस पहले गिरफ्तार कर चुकी है।
पिछले एक साल से माध्यमिक शिक्षा विभाग फर्जी मामलों की सुर्खियों में बना है। इस साल के शुरुआत में विजिलेंस की टीम ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात प्रधान सहायक रामप्रकाश को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी लगवाने पर रिश्वत लेते पकड़ा था। इस मामले में पूर्व डीआईओएस दिवंगत दिनेश कुमार को सह अभियुक्त बनाया गया था।
इसके बाद 41 नियुक्तियों का प्रकरण सामने आया, जिस पर शासन के स्तर से जांच बैठा दी गई। यह जांच संयुक्त शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा कर रहे हैं। इन नियुक्तियों की पत्रावलियां अब तक नहीं मिली है। अब आरपी शर्मा की गिरफ्तारी से विभाग के कर्मचारियों में भय फैल गया है।
शिकायत करने वाले शिक्षक की चल रही है विभागीय जांच
संयुक्त शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा के रिश्वत लेने के मामले से विभागीय अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी अचंभित हैं। यह भी कहा जा रहा है कि यह साजिश भी हो सकती है।वैसे शिकायत करने वाले शिक्षक की विभागीय जांच चल रही है। विधान परिषद तक मामला पहुंचने के बाद शासन से शिक्षक का वेतन रोका गया था। फर्जी नियुक्ति प्रकरण की जांच आरपी शर्मा कर रहे हैं। पूर्व डीआईओएस दिनेश कुमार के समय में खास रहे शिक्षक अजय पाल सिंह की जांच भी संयुक्त शिक्षा निदेशक के पास थी। जेडी के गिरफ्तार होने की सूचना पर शिक्षक और कर्मचारी शिक्षा भवन पंचकुइयां कार्यालय पहुंच गए। भीड़ लग गई।
शाम को देर तक बैठते थे जेडी
विजिलेंस ने बताया कि जेडी आरपी शर्मा अकसर कार्यालय के समय के बाद शाम 7 बजे तक कार्यालय में बैठते थे। वह कर्मचारियों के शाम 5 बजे के जाने के बाद लोगों को मिलने के लिए बुलाया करते थे।