मथुरा के पुराने बस अड्डे पर सोमवार शाम को उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब रोडवेज की एक बस में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को चपेट में लिया। उसमें सवार यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। एक यात्री नहीं निकल पाया, जिससे उसकी जलकर मौत हो गई। सूचना पर पहुंची दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
मथुरा के पुराने बस स्टैंड के मुख्य द्वार पर सोमवार की शाम 6:25 बजे यात्रियों से भरी अलीगढ़ डिपो की अनुबंधित बस संख्या यूपी 81 बीटी 6598 में अचानक आग लग गई। आग की लपटों को देख बस में सवार यात्रियों में भगदड़ मच गई। कोई दरवाजे से निकलकर भागा तो कोई बस की खिड़कियों के शीशा तोड़कर कूद गया। कई यात्री चोटिल भी हो गए। इस आपाधापी में खिड़की से बाहर निकलने के प्रयास में फंसा एक यात्री जिंदा जल गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मरने वाला खाकी कपड़े पहने था, पुलिसकर्मी भी हो सकता है। सात मिनट में ही पूरी बस जल गई। ज्यादातर यात्रियों का सामान भी जल गया। अग्निशमन दल की तीन गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आधा घंटे में आग पर काबू पाया, तब तक बस पूरी तरह से जल चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट जवाहर लाल श्रीवास्तव, सीओ अभिषेक तिवारी मौके पर पहुंच गए। एआरएम मथुरा नरेश चंद्र गुप्ता ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
चालक-परिचालक होते तो घटना टल सकती थी
इंजन की ओर आग की अचानक लपटों को उठता देख बस में सवार यात्रियों में भगदड़ मच गई। उस वक्त बस में चालक-परिचालक नहीं थे। कुछ सवारियां गेट से भागीं तो कुछ ने बस की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। चीख पुकार मच गई। महिला-बच्चों को बस स्टैंड में मौजूद अन्य यात्रियों ने बस से निकलवाया। तेज लपटें और धुआं के गुबार उठते देख आसपास के लोग भी जुट गए। यात्रियों का आरोप है कि अगर चालक व परिचालक बस में सवार होते तो घटना को टाला जा सकता था।