आगरा। सुभाष बाजार हादसे की तरह ताजमहल के पास पाक टोला स्थित पातीराम की बगीची में जर्जर नाला धंस जाने से हुए कटान के कारण सड़क का छह मीटर हिस्सा इसमें समा गया। इसके किनारे वाल्मीकि बस्ती के 6 मकानों में पानी के बहाव से हुए कटान के कारण दरारें आ गईं। जान-माल पर खतरा देखते हुए एहतियातन इन 6 मकानों को खाली करा लिया गया। नगर निगम की टीम ने बालू से भरे बोरे डालकर नाले का बहाव रोका और धंसे हुए हिस्से की मरम्मत का काम शुरू कराया।
मंगलवार को हुई बारिश के बाद पाक टोला नाले में तेज बहाव के कारण इसकी जर्जर दीवारें ढह गईं। इससे नाले का कटान शुरू हो गया और नाले से सटी सड़क का 6 मीटर हिस्सा नाले में समा गया। पानी का बेहद तेज बहाव दीवारें और सड़क ढह जाने से इसके किनारे बने मकानों तक पहुंचा तो छह मकानों में दरारें आ गईं। नाले की बाउंड्री गिरने के बाद जब घरों के चबूतरे टूटने शुरू हुए तो लोगों में दहशत फैल गई, जिस पर पार्षद हेमेंद्र पाल सिंह ने नगर निगम को सूचना दी। नाले के पानी का रिसाव इन घरों की नींव में पहुंचने लगा था। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ मरम्मत का काम शुरू कराया। सबसे पहले मकान खाली कराए गए और रेत की बोरियां डालकर पानी रोका गया।
70 साल पुराने नाले की मरम्मत की कई बार की मांग
- तेलीपाड़ा के पार्षद हेमेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पाक टोला नाला 70 साल पहले बनाया गया था। इसकी ईंटें गल चुकी हैं और जगह-जगह से कटान हो चुका है। इसकी मरम्मत की मांग वह कई बार कर चुके हैं लेकिन स्मार्ट सिटी के तहत बने नाले में भी इसका जीर्णोद्धार नहीं किया गया। अगर पहले ही नाले की मरम्मत हो जाती तो सड़क नाले में नहीं समाती। क्षेत्रीय निवासी चेतन अरोरा ने बताया कि जर्जर नालों की मरम्मत न होने से सड़क धंसी है। इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। इंजीनियरों के साथ सेनेटरी इंस्पेक्टर ने जर्जर हिस्सा क्यों नहीं रिपोर्ट किया, जबकि एक माह पहले ही नालों की कथित सफाई की गई थी।
नाले से निकली पानी की लाइन में भी रिसाव
बुधवार सुबह पाक टोला पहुंचे अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने निरीक्षण किया तो यहां नाले के अंदर से गुजर रही पानी की पाइपलाइन में रिसाव मिला। जलकल विभाग को उन्होंने मरम्मत कर रिसाव बंद करने के निर्देश दिए, वहीं निर्माण विभाग के अधिकारियों को धंसे हुए नाले के हिस्से का पुनर्निर्माण शुरू कराने को कहा। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि नाले का प्रवाह रोककर मरम्मत कराई जा रही है। निगरानी रखने के साथ नाले पर टीम अलर्ट मोड में है। जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त पंप लगाए जाएंगे ताकि कटान और न बढ़े।
वर्जन-
तेलीपाड़ा में नाला और सड़क धंसने की सूचना पर तत्काल टीम भेजकर राहत कार्य शुरू कराया। अस्थाई बांध बनाकर पानी रोक दिया गया है। घर सुरक्षित किए गए हैं और धंसे हिस्से की मरम्मत की जा रही है।
नाले पर 2,000 से ज्यादा मकान, दुकान
सुभाष बाजार में 8 जुलाई को नाले के ऊपर बनी दुकान के गिरने से एक महिला की मौत हो चुकी है, लेकिन नगर निगम ने इससे भी सबक नहीं सीखा और यह हादसा हो गया। शहर में नालों के ऊपर और इससे सटाकर 2 हजार से ज्यादा मकान और दुकान बने हैं, जिनका निगम ने सर्वे कराया, न ही नोटिस देकर खाली कराए गए।