ताजनगरी में सड़कों पर बने कट जानलेवा साबित हो रहे हैं। हादसों के लिए 46 कटों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया जा चुका है। यहां हर 48 घंटे में तीन लोगों की जान जा रही है और पांच लोग घायल हो रहे हैं। यह हाल तब है जब इन कटों पर हादसों का ग्राफ 10 फीसदी नीचे लाने के लिए पिछले साल के शुरू में योजना बनाई गई थी। इसके बावजूद हादसे 30 फीसदी बढ़े हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग ही नहीं, शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले एमजी रोड पर भी हादसों की रफ्तार तेज है। यह जानकारी आगरा में हादसे रोकने के लिए जिला प्रशासन को भेजी गई परिवहन आयुक्त की ब्लैक स्पॉट रिपोर्ट में है। इसमें जिला प्रशासन को चेताया गया है कि हादसे रोकने के लिए और उपाय किए जाएं।
सूबे में एक साल में गई 22,635 लोगों की जान
प्रदेशभर में 2019 में सड़क हादसों में 22,635 लोगों की जान गई। इनमें 35.3 फीसदी मौतें आगरा और मथुरा समेत 15 शहरों में हुई हैं। 2019 में अकेले आगरा में 1085 हादसों में 616 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 585 लोगों ने 46 ब्लैक स्पॉट पर दम तोड़ा है।
पिछले साल आगरा में सड़क हादसे रोक कर 10 फीसदी मौतें कम करने का लक्ष्य था, जो सितंबर 2020 तक 30% बढ़ गया है। इसके बाद अब परिवहन विभाग, पुलिस, निर्माण एजेंसियां, स्वास्थ्य विभाग समेत छह विभागों की संयुक्त कमेटी बनाकर कोहरा शुरू होने से पहले एक्शन प्लान लागू करने में जुट गई है। 46 ब्लैक स्पॉट में से 37 स्पॉट तीन माह में बंद करने की योजना पर काम भी शुरू हो गया है।
ये हैं खतरनाक कट
| ब्लैक स्पॉट |
सड़क |
थाना |
हादसे |
गंभीर घायल |
मृत्यु |
| नोएडा कट |
एनएच-2 |
एत्मादपुर |
50 |
51 |
65 |
| झरना नाला |
एनएच-2 |
एत्मादपुर |
40 |
45 |
50 |
| तहसील चौराहा |
एनएच-2 |
एत्मादपुर |
29 |
40 |
44 |
| रोहता नगर |
एनएच-93 |
सदर बाजार |
20 |
47 |
32 |
| यूपी1099 |
प्रतापपुरा चौराहा |
एमजी रोड- सदर बाजार |
20 |
45 |
32 |
| यूपी0326 |
झरना नाला |
एनएच-2 - एत्मादपुर |
12 |
13 |
24 |
| यूपी110 |
राजपुर चुंगी |
पीडब्ल्यूडी- सदर बाजार |
16 |
36 |
20 |
| यूपी0317 |
टेढ़ी बगिया चौराहा |
एत्माउद्दौला |
15 |
20 |
17 |
| यूपी0829 |
रामबाग चौराहा |
एत्माउद्दौला |
16 |
19 |
17 |
| यूपी0324 |
खंदौली चौराहा |
एत्मादपुर |
6 |
22 |
16 |
(एक साल के आंकड़े)
हादसे कम करने की छह महकमों को सौंपी जिम्मेदारी
हादसों को कम करने के लिए सड़क निर्माण एजेंसी, पुलिस, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग को अलग अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये कम दिसंबर के शुरू में ही किए जाने हैं।
1. प्रत्येक 50 किमी पर एक एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम एंबुलेंस का इंतजाम करना होगा।
2. डिवाइडर पर बने अवैध कट बंद होंगे, सड़क पर मार्किंग सुनिश्चित की जाएगी।
3. दुर्घटना बहुल्य क्षेत्र में क्रैश बैरियर, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक व साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।
4. एंबुलेंस तैनात कर घायल को 10 मिनट में उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
5. स्थानीय निकाय व पंचायती राज विभाग छुट्टा पशुओं को पकड़ेंगे।
6. रोडवेज में 300 किमी दूरी की बसों में अनिवार्य रूप से दो ड्राइवर की व्यवस्था होगी।
7. बस ड्राइवर का औचक रूप से ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट किया जाएगा।
(जैसा एडीएम सिटी प्रभाकांत अवस्थी ने बताया )
कोहरे से पहले हो जाएंगे काम- एडीएम सिटी
एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने कहा कि सड़क हादसों में कमी लाने के लिए छह विभागों की कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाई है। तीन महीने में बदलाव दिखेगा। कोहरा शुरू होने से पहले काम हो जाएंगे। कई कट बंद किए हैं। हर माह बैठक होगी।
अवैध कट बंद हों.. अन्य पर संकेतक लगें
आगरा डेवलपमेंट फाउडेंशन के सचिव केसी जैन ने कहा कि ब्लैक स्पॉट पर हादसे कम करने के लिए अवैध कट बंद करने होंगे। क्रॉसिंग पर बने कट पर संकेतक लगे होने चाहिए, प्रकाश की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए, रेलिंग टूटी न हों, अतिक्रमण न हो, कैमरे लगे हो। इन बिंदुओं को शामिल कर कार्ययोजना बने और उस पर अमल किया जाए। यह भी जरूरी है कि हर हादसे के बाद उसके कारणों की समीक्षा हो।