परिवार में मची चीत्कार
सड़क हादसे में तीन चचेरे भाइयो की मौत से परिवारों में चीत्कार मच गई। हादसे को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा गया। पुलिस ने समझा बुझाकर ग्रामीणों को शांत किया। जब ग्रामीणों को पता चला कि तीनों के शव स्वास्थ्य केंद्र पर है तो वहां से ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र की और दौड़ लिए।
ग्रामीणों ने मृतकों के परिवारों को ढांढस बंधाया। मृतकों के शवों को पुलिस ने अपनी गाड़ी से ही स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया। स्वास्थ्य केंद्र पर एकत्रित ग्रामीण पुलिस की गाड़ी के आगे घेरा बनाकर खड़े हो गए और शवों के उतारे जाने का इंतजार करने लगे।
बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
तीन चचेरे भाइयों की मौत के बाद आठ बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। तीनों भाई मनरेगा के तहत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते थे। मृतक नरायण सिंह के दो बच्चे हैं। जबकि उपेंद्र व रुकुम सिंह के 3-3 बच्चे हैं। नरायण सिंह की पत्नी सुधा, उपेंद्र की पत्नी तुलसा एवं रुकुम की पत्नी बंटी का रो-रोकर बुरा हाल था।