आगरा। शहर में बिना पीजो मीटर व रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का इंतजाम किए आरओ वॉटर प्लांट नहीं चलेंगे। सभी प्लांट संचालकों को पंजीकरण कराना होगा। यह निर्णय मंगलवार को कलक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट व आरओ वॉटर प्लांट एसोसिएशन की बैठक में हुआ है। पंजीकरण के लिए 15 दिन का समय संचालकों को प्रशासन ने दिया है।
भूजल दोहन को लेकर नए कानून से आरओ प्लांट संचालकों में हड़कंप है। टास्क फोर्स छट प्लांट सील कर चुकी है। जिसके विरोध में लामबंद आरओ प्लांट संचालकों ने सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था। मंगलवार को कलक्ट्रेट में 11 बजे सिटी मजिस्ट्रेट अंजनी कुमार व प्लांट एसोसिएशन प्रतिनिधियों की बैठक हुई। जिसमें प्लांट संचालकों को कोई राहत नहीं मिली। संचालकों ने बेरोजगारी और रोजी-रोटी उजड़ने का हवाला देकर कार्रवाई रोकने की मांग की।
सिटी मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट कहा कि बिना पंजीकरण कोई प्लांट नहीं चल सकता। एक साथ पंजीकरण में दिक्कत आ रही है तो 50-50 के समूह में पंजीकरण करा सकते हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सबमर्र्सिबल पंप पर पीजो मीटर लगाने व रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करनी होगी। तभी प्लांट चल सकेंगे। पेजो मीटर से भूजल स्तर मापा जा सकेगा। साथ ही कितना भूजल दोहन हो रहा है ये भी पता लग सकेगा। पंजीकरण कराने के लिए 15 दिन का समय मिला है।
शहीद स्मारक में संचालकों की बैठक
शाम छह बजे शहीद स्मारक में आरओ वॉटर प्लांट एसोसिएशन की बैठक में 50 से अधिक संचालक इकट्ठा हुए। अध्यक्ष सुरेंद्र कुलश्रेष्ठ के मुताबिक सभी प्लांट संचालकों को नियमों के बारे में बताया गया है। पंजीकरण कराने में एसोसिएशन सहयोग करेगी।