तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। सर्पदंश के मरीजों के इलाज के लिए सभी सीएचसी पर एंटी वेनम इंजेक्शन का स्टॉक किया है। एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बारिश में सांप समेत अन्य जहरीले कीट के काटने के मरीज बढ़ जाते हैं। इसके लिए इमरजेंसी में इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की है। 400 एंटी वेनम इंजेक्शन का स्टॉक भी किया है। सर्पदंश पीड़ित को तत्काल अस्पताल लेकर आएं, इलाज से मरीज की जान बच जाती है।
सांप के डसने पर कपड़े से बांधे, साबुन से घाव को धोएं
एसएन इमरजेंसी प्रभारी डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि प्रदेश में करैत, वाइपर और कोबरा सर्प पाए जाते हैं, ये जहरीले होते हैं। करैत अधिक मात्रा में मिलते हैं। जहरीले सर्प के डसने पर घाव के आसपास सूजन बढ़ने लगती है और मरीज बेहोश होने लगता है। सांप के डसने पर कपड़े से उस हिस्से को बांधें, रस्सी का उपयोग कतई न करें। घाव को साबुन से अच्छी तरह से धाेएं और तत्काल लेकर अस्पताल आएं। 3-4 घंटे में एंटी वेनम इंजेक्शन लगने से जहर का प्रभाव कम होने लगता है और मरीज की जान बच जाती है। मरीज को अन्य इलाज भी दिया जाता है।
ये भी पढ़ें-
UP: जिंदगी भर की दोस्ती मौत ने भी न तोड़ी... तीन जिगरी दोस्त, साथ जिए और साथ खत्म हुए; आगरा में दर्दनाक हादसा