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UP: बारिश में सर्पदंश का खतरा...चिकित्सकों ने किया आगाह, भूलकर भी न करें ये गलती; खतरे में पड़ सकती है जान

Thu, 19 Jun 2025 03:12 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

बारिश में सांप समेत अन्य जहरीले कीट के काटने के मरीज बढ़ जाते हैं। इसके लिए इमरजेंसी में इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की है। 400 एंटी वेनम इंजेक्शन का स्टॉक भी किया है। 
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सांप - फोटो : Freepik
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विस्तार
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बारिश से सर्पदंश का खतरा बढ़ गया है। इसके लिए एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी समेत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर एंटी वेनम इंजेक्शन के स्टॉक किए गए हैं। चिकित्सक बताते हैं कि सांप के डंसने पर झाड़फूंक-बायगीर के इलाज में न पड़ें और सीधे अस्पताल पहुंचे। 3-4 घंटे में एंटी वेनम इंजेक्शन लगने से मरीज की जान बच सकती है।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश में बिल में पानी भरने से सांप बाहर निकलते हैं। सर्पदंश का खतरा बढ़ जाता है। अगर किसी को सर्प या कोई जहरीला कीट काटता है तो झाड़फूंक-बायगीर से इलाज में समय नहीं गवाएं। इससे कोई भी मरीज ठीक नहीं होता है। 
 
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तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। सर्पदंश के मरीजों के इलाज के लिए सभी सीएचसी पर एंटी वेनम इंजेक्शन का स्टॉक किया है। एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बारिश में सांप समेत अन्य जहरीले कीट के काटने के मरीज बढ़ जाते हैं। इसके लिए इमरजेंसी में इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की है। 400 एंटी वेनम इंजेक्शन का स्टॉक भी किया है। सर्पदंश पीड़ित को तत्काल अस्पताल लेकर आएं, इलाज से मरीज की जान बच जाती है।

सांप के डसने पर कपड़े से बांधे, साबुन से घाव को धोएं
एसएन इमरजेंसी प्रभारी डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि प्रदेश में करैत, वाइपर और कोबरा सर्प पाए जाते हैं, ये जहरीले होते हैं। करैत अधिक मात्रा में मिलते हैं। जहरीले सर्प के डसने पर घाव के आसपास सूजन बढ़ने लगती है और मरीज बेहोश होने लगता है। सांप के डसने पर कपड़े से उस हिस्से को बांधें, रस्सी का उपयोग कतई न करें। घाव को साबुन से अच्छी तरह से धाेएं और तत्काल लेकर अस्पताल आएं। 3-4 घंटे में एंटी वेनम इंजेक्शन लगने से जहर का प्रभाव कम होने लगता है और मरीज की जान बच जाती है। मरीज को अन्य इलाज भी दिया जाता है।

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