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UP: 1200 करोड़ की कमाई करता है रजिस्ट्री दफ्तर, फिर भी हालत खराब...यहां की सीढ़ियां देखकर ही लगता है डर

Wed, 14 Jan 2026 07:31 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

रजिस्ट्री दफ्तर में तीन मंजिल तक घिसी सीढ़ियां बड़ा खतरा है। यहां यदि किसी बुजुर्ग को जाना हो तो उनके लिए बड़ी मुसीबत रहती है। एक साल में बार अध्यक्ष सहित 15 से ज्यादा लोग फिसल कर घायल हो चुके हैं।
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सीढ़ियां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जिस दफ्तर में लाखों रुपये की रजिस्ट्री होती हैं। करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता है। वहां हादसों की सीढ़ियां चढ़नी पड़ रही हैं। बुजुर्ग, बच्चों और महिलाओं की जान दांव पर है। तीन मंजिला भवन की सीढ़ियां घिस चुकी हैं, जिनमें एक साल में बार अध्यक्ष समेत 15 से ज्यादा लोग फिसलकर घायल हो चुके हैं।
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सदर तहसील स्थित निबंधन भवन में भूतल से तीसरे मंजिल तक 55 से अधिक सीढ़ियां हैं। कोटा स्टोन की यह सीढ़ियां घिसने से फिसलने लगी हैं। रजिस्ट्री के लिए आने वाले बुजुर्ग इन सीढि़याें को देखते ही अपनी हड्डियों की सलामती की दुआ मांगते हैं। इस इमारत में तीन उपनिबंधक, एक सहायक महानिरीक्षक और एक उप निरीक्षक स्टांप का दफ्तर है। रोज यहां 500 से अधिक लोग आते हैं। हर साल यहां स्टांप शुल्क से सरकार को 1200 से 1500 करोड़ रुपये की आय होती है। लेकिन, सरकार का खजाना भरने वाले दफ्तर में सुविधाओं के नाम पर जानलेवा सीढ़ियां, जर्जर बिल्डिंग और शौचालय की दुर्गंध मिल रही है।

तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष लाल बहादुर राजपूत ने बताया कि बरसात में इन सीढि़यों पर चलना मुश्किल होता है। मैं खुद फिसलकर गिर चुका हूं। पैर में फ्रैक्चर हो चुका है। जमीन खरीदने, बेचने के लिए अधिकांश बुजुर्ग आते हैं। बार महासचिव अरविंद दुबे का कहना है कि रजिस्ट्री दफ्तर में खड़े होने तक की जगह नहीं रहती। सहायक महानिरीक्षक निबंधन योगेश कुमार का कहना है कि दफ्तर के लिए नई इमारत की तलाश की जा रही है। इमारत में जगह कम है। सीढि़यों पर सुरक्षा उपाय कराए जाएंगे।
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