सीओ भोगांव अमर बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में मकान को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। सोमवार शाम को पिकअप खड़ी करने को लेकर विवाद गहरा गया। मृतक के शरीर पर चोट के निशान नहीं हैं। मारपीट के बीच हो सकता है कि मौत हार्टअटैक से हुई हो। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
20 साल से चल रहा था विवाद
श्यामलाल और सुघर सिंह मौसेरे भाई हैं, दोनों ने मोहल्ला चौधरी में मकान बनवाने के लिए मिलकर जमीन खरीदी। इसके बाद दोनों ने मकान बनवाए। यहां खाली पड़ी जमीन पर स्वामित्व को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद बीस वर्ष पुराना था।
इस दौरान दोनों पक्षों में कई बार लड़ाई झगड़े हुए। मृतक की पुत्री रिंकी ने बताया कि चाचा सुघर सिंह ने विवाद बीस साल से चला आ रहा था। रिंकी ने बताया कि सोमवार को उसके घर में जन्माष्टमी की तैयारी चल रही थी, उसी समय आरोपी सुघर सिंह अपनी पिकअप लेकर आ गए।
उनके दरवाजे पर खड़ा कर दिया। पिता ने दरवाजे से गाड़ी हटाने के लिए कहा। इस बात पर वह हमलावर हो गए। अन्य परिजन भी लाठी डंडा लेकर आ गए और पिता को पीटना शुरू कर दिया।