बसपा में जिलाध्यक्ष बदले जाने के बाद पार्टी पदाधिकारियों में आपस में ही रार छिड़ गई है। पार्टी पदाधिकारी एक दूसरे पर ही आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। रविवार को पार्टी के नौ पदाधिकारियों के इस्तीफा देने का पत्र भी खूब वायरल हुआ। वहीं पदाधिकारियों ने इस्तीफा देने से साफ मना कर दिया।
बसपा आलाकमान ने शनिवार की शाम मैनपुरी के जिलाध्यक्ष शुभम सिंह को पद से हटा दिया था। उनके स्थान पर रामनरेश वर्मा को कमान सौंपी गई है। इस बात की चर्चा जिले में जोरों पर थी।
वहीं रविवार को पूर्व जिलाध्यक्ष को हटाने पर नौ पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा इस्तीफा देने की खबर आई तो पार्टी में हलचल शुरू हो गई। दरअसल ये पत्र पूर्व जिलाध्यक्ष शुभम सिंह के समर्थन में जारी किया गया था।
वहीं जब इस बारे में पदाधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने इस्तीफा देने से साफ मना कर दिया। ऐसे में कहीं न कहीं ये बात सामने आ गई है कि बसपा में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।
पदाधिकारियों द्वारा इस्तीफा दिए जाने वाले पत्र में बसपा में अपना दखल रखने वाले वरिष्ठ नेता दीपक पेंटर का भी नाम उछाला गया है। हालांकि उन्होंने ने भी पदाधिकारियों के इस्तीफा देने की बात से इंकार किया है।
जिलाध्यक्ष बोले ये साजिश है
नौ पदाधिकारियों द्वारा पूर्व जिलाध्यक्ष को हटाने पर इस्तीफा दिए जाने के मामले को जिलाध्यक्ष रामनरेश वर्मा ने साजिश बताया है। उन्होंने बताया कि पार्टी हाईकमान के आदेश का सभी कार्यकर्ता हमेशा सम्मान करते आए हैं।
अफवाहों से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वे पार्टी को और मजबूती से खड़ा करने के लिए प्रयास करेंगे। सभी पदाधिकारियों से बात हुई है, किसी ने भी इस्तीफा देने की पुष्टि नहीं की है। पत्र किसी शरारतीतत्व की ओर से जारी किया गया है।
सभी ने स्वेच्छा से दिया इस्तीफा
सभी पदाधिकारी भले ही इस्तीफा देने की बात से इंकार कर रहे हों, वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष शुभम सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि उक्त सभी पदाधिकारियों ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि उक्त लोग उनके पास मौजूद हैं। उनसे बात की जा सकती है।
मेरे द्वारा इस्तीफा नहीं दिया गया है। किसी ने सोची समझी साजिश के तहत मेरे हस्ताक्षर कर दिए होंगे। -सुनील वर्मा, जिला महासचिव बसपा
पत्र में मेरा नाम लिखा है, लेकिन मेरे हस्ताक्षर नहीं हैं। पत्र को सोची समझी साजिश के तहत लिखा गया है। -दीपू मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष