कोरोना की दूसरी लहर की स्थिति को देख काम शुरू किया
उमेश अमित ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों का इलाज करते हुए कई डॉक्टरों ने अपनी जान गंवाई। तभी उनके मन में विचार आया कि उचित दूरी को ध्यान में रखते हुए मरीजों की जांच के लिए डॉक्टरों के पास कोई सुरक्षित विकल्प होना चाहिए। तभी से इन्होंने इस मेडिकल डिवाइस पर काम शुरू किया। उन्होंने अपने आविष्कार की जानकारी वेबसाइट www.amishainnovation.com पर दे रखी है। उनका कहना है कि सरकार इस आविष्कार को बढ़ावा दे तो यह कोरोना काल में मरीजों की इलाज में मददगार साबित हो सकता है।
10 हजार की लागत से बनाया
उमेश अमित परमार ने बताया कि मेडिकल डिवाइस की शुरूआती लागत कई प्रयोग करने के बाद करीब 10 हजार रुपये आई है। आगे के उत्पादन में लागत कम हो सकती है। और भी डिवाइस का उत्पादन किया जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है।
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