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सवा चार माह बाद दो शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी हुई दर्ज

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फर्जी शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के मामले में विभागीय अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। विभाग ने सवा चार माह बाद दो शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है जबकि तीन शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होना शेष रह गई है।
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वर्ष 2010 के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों की जांच कराने के लिए मांगे गए प्रमाणपत्रों के बाद सोरों के पहाड़पुर कटरा में तैनात शिक्षक देवेंद्र सिंह, सिकंदपुर क्षेत्र के तैयवपुर विद्यालय में तैनात शिक्षिका देविका रानी एवं शेरपुर विद्यालय में तैनात शिक्षिका सहोदरा कुमारी ने अपनी बीएड की डिग्री डॉ. बीआर आंबेडकर विश्व विद्यालय की वर्ष 2004-05 की डिग्री सामने आई। यह डिग्री जांच में फर्जी पाई गई हैं।
इसी प्रकार गंजडुंडवारा के नूरपुर द्वितीय में तैनात शिक्षिका दीप्ति, उलीपुर में तैनात शिक्षक कमलेश, सिढ़पुरा के सुनवई में तैनात शिक्षक सुनील कुमार द्वारा जमा कराए गए प्रमाणपत्रों की जांच में उनके हाईस्कूल व इंटर के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। विभाग ने इसके बाद 20 अक्तूबर को इन सभी शिक्षकों की सेवाओं को समाप्त कर दिया। विभाग द्वारा इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज के आदेश के बाद खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए। सोरों के खंड शिक्षा अधिकारी ने तो शिक्षक देवेंद्र सिंह के खिलाफ उसी समय प्राथमिकी दर्ज करा दी है। गंजडुंडवारा के खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षिका दीप्ति व कमलेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की कार्यवाही अब कराई है।
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फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करने वाले दो शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो गई है। जबकि शेष बचे तीन शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। -अंजली अग्रवाल, बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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