शीतग्रह संचालकों की बैठक को संबोधित करते डीएम चंद्र विजय सिंह
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फिरोजाबाद। शीतगृहों में डंप आलू की निकासी के लिए डीएम चंद्र विजय सिंह ने शीतगृह संचालकों के साथ बैठक की। मंडी सचिवों से व्यापारियों को प्रेरित कर आलू की बिक्री को बढ़ाने में सहयोग करने को कहा। साथ ही कहा कि 31 अक्तूबर तक हर हाल में शीतगृह से आलू की शत प्रतिशत निकासी हो जाएं अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित शीतगृह संचालकों की बैठक में जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2019-20 के सापेक्ष जिले में इस वर्ष आलू का उत्पादन अधिक हुआ है। 55,200 हेक्टेयर में आलू की बुवाई की गई थी। इसमें करीब 16 लाख टन उत्पादन हुआ। 13.33 लाख टन आलू शीतगृहों में भंडारित किया गया था। डीएम ने आलू की कम निकासी पर शीतगृह स्वामियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि किसान द्वारा दो सौ रुपये प्रति बोरी शीतगृह स्वामी से कर्ज लेकर आलू रखा जाता है। यदि आलू का भाव कम हो गया तो किसाननिकासी करने के लिए नहीं आता है। यदि शीतगृह स्वामी आलू की बिक्री कर दे तो शिकायत शुरू हो जाती हैं। जिला उद्यान अधिकारी संजीव कुमार वर्मा ने शीतगृह स्वामी के जवाब का समर्थन करते हुए कहा कि इसी कारण शिकायतें आती हैं। डीएम ने शीतगृह स्वामियों से आह्वान किया कि वह किसानों को कर्ज नहीं दें। मंडी सचिवों से व्यापारियों को प्रेरित कर आलू की बिक्री बढ़ाएं। कोल्ड स्टोरेज संचालक बलवीर सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष इन दिनों तक 50 प्रतिशत निकासी हो गई थी। कोल्ड संचालक ने बताया कि कुछ किसान जनवरी-फरवरी तक आलू की निकासी करते हैं। जिला उद्यान अधिकारी ने कहा दो माह 18 दिन ही आलू निकासी को शेष बचे हैं। यदि अभी निकासी नहीं हुई तो फिर आलू की दर काफी कम हो जाएगी। डीएम ने कहा कि 31 अक्तूबर के बाद यदि कोई आलू का भंडारण रखेगा तो फिर कार्रवाई की जाएगी।