अपार के नाम पर कार्रवाई न होने से शिक्षकों ने ली राहत की सांस
- शिक्षक नेता बोले - अधिकारी वेबजह कर रहे थे शोषण
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। अपार आईडी सृजन में लापरवाही पर जिले के शिक्षकों को डीआईओएस और बीएसए द्वारा लगातार चेतावनी दी जा रही थी। अधिकारी शिक्षकों को वेतन काटने की चेतावनी दे रहे थे। 400 शिक्षकों को इसके लिए चेतावनी पत्र भी जारी किया गया था। निदेशक माध्यमिक शिक्षा की ओर से पत्र जारी कर किसी प्रकार की कार्रवाई न करने के निर्णय से शिक्षकों को राहत मिली है। शिक्षकों ने निदेशक के इस निर्णय का स्वागत किया है।
निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. महेंद्र देव ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र जारी कर कहा है कि ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) में देरी के नाम पर किसी शिक्षक का वेतन न रोका जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से अपार आईडी सृजन के लिए बिना किसी कार्रवाई के ही प्रक्रिया को गतिमान रखने का कार्य कराया जाए। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय सदस्य कृष्णानंद दुबे का कहना था कि जिला विद्यालय निरीक्षक से उनके संगठन ने मुलाकात कर कहा था कि अपार के नाम पर शिक्षकों का वेतन न रोका जाए। लेकिन इसके बाद भी लेखाधिकारी ने माध्यमिक शिक्षकों का वेतन रोक दिया था। मजबूरी में उन लोगों को धरना प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि निदेशक माध्यमिक शिक्षा का निर्णय सराहनीय है।
जिला मंत्री मुकेश चौहान ने कहा कि अपार में कई प्रकार की तकनीकी समस्याएं हैं इसके लिए शिक्षकों को जिम्मेदार नहीं कहा जा सकता। शिक्षक पूरी ईमानदारी के साथ अपार आईडी सृजन का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निदेशक माध्यमिक शिक्षा का निर्णय सराहनीय है।