आगरा के ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में 15 साल पुराने 4.52 लाख वाहनों के पंजीयन आरटीओ ने निरस्त कर दिए हैं। छह जिलों की रिपोर्ट में आगरा अव्वल है। एटा सबसे फिसड्डी पाया गया है। भरतपुर दूसरे और मथुरा तीसरे स्थान पर है। सूची कार्रवाई के लिए संबंधित जिलों में यातायात पुलिस को भेजी गई है।
संभागीय परिवहन अधिकारियों की ओर से टीटीजेड कमेटी को भेजी गई जिलेवार रिपोर्ट में डीजल, लोडिंग, व्यावसायिक और निजी वाहन शामिल हैं। पंजीयन निरस्त वाहनों की सूची के आधार पर आगरा स्मार्ट सिटी के सीसीटीवी कैमरों ने 1100 वाहनों को चिह्नित किया है। पंजीयन निरस्त होने के बाद भी सड़कों पर ये वाहन दौड़ रहे हैं। इन्हें जब्त करने की कवायद शुरू हुई है। आगरा में 1.78 लाख वाहनों के पंजीयन निरस्त हुए हैं। इनके अलावा 70 हजार वाहन ऐसे हैं जिनके पंजीयन निरस्त करने के लिए छह महीने से नोटिस जारी हैं।
एटा में एक भी वाहन का पंजीयन निरस्त नहीं हुआ है। टीटीजेड में आगरा के अलावा भरतपुर, एटा, हाथरस, फिरोजाबाद और मथुरा शामिल हैं। करीब 10 हजार वर्ग किमी. क्षेत्र टीटीजेड में पर्यावरण दृष्टि से संवेदनशील है। जिसमें प्रदूषणकारी व अनफिट वाहनों के प्रयोग पर रोक है।
निरस्त वाहनों की रिपोर्ट
- आगरा: 1,78,596
- भरतपुर: 1,54,000
- मथुरा: 69,963
- फिरोजाबाद: 28,056
- हाथरस: 21,473
- एटा: शून्य
सत्यापन भी कराया जा रहा
टीटीजेड अध्यक्ष और मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने बताया कि '15 साल पुराने वाहनों पर प्रतिबंध है। उनके विरुद्ध सभी जिलों में कार्रवाई की जा रही है। वाहन स्वामियों का सत्यापन भी कराया जा रहा है।'