नरसिंह की झांकी रही आकर्षण का केंद्र
घोड़ों और ऊंट की अगुवाई में दर्जनों ध्वजों के साथ रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। रथयात्रा में बैंडबाजों संग, नरसिंह भगवान, राधा कृष्ण, चैतन्य महाप्रभु और श्रील प्रभुपाद की झांकी भी आकर्षक का केंद्र रही। प्रभु की श्रद्धालुओं पर उमसभरी गर्मी में रिमझिम बारिश की बौछारें भगवान की कृपा बनकर बरसी।
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मनमोहक थी भगवान की छवि
वृंदावन इस्कॉन मंदिर के माधव प्रभु ने भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बलभद्र का वृंदावन का शृंगार किया। नाथद्वारा के कारीगरों की जर्किन और स्वर्ण तारों से बनाई आसमानी पोशाक श्रीहरि के अनंत स्वरूप को प्रदर्शित कर रही थी। श्रीहरि के शृंगार में भगवान के प्रिय पुष्प कदंब, बैजयंती, मालती, मोगरा जैसे पुष्पों का विशेष प्रयोग किया गया।
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विदेशी श्रद्धालु भी पहुंचे
यात्रा में रशिया, यूक्रेन, अमेरिका सहित विभिन्न देशों के श्रद्धालु हिस्सा लेने पहुंचे। इस दौरान महिलाएं गोपी ड्रेस में तो पुरुष ग्वाला ड्रेस में सज संवर कर पहुंचे। कुछ भक्तजन तो अपने घर के लड्डू गोपाल को भी सजा धजा कर रथयात्रा में लेकर आए। ढोल, मृदंग और मंजीरों की धुन पर हरे राम-हरे कृष्णा... संकीर्तन पर झूमते गाते श्रद्धालुओं ने हर्ष उल्लास के साथ मनाया रथयात्रा महोत्सव में शिरकत की।
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टला बड़ा हादसा
रथयात्रा शुरू होने से पूर्व दर्जनों भक्त रथ के आगे खड़े थे। इतने में रथ खींचने की उद्घोषणा हुई। श्रद्धालुओं की भीड़ ने रस्सा पकड़ रथ खींचना शुरू कर दिया। अचानक रथ के गति में आने से रथ के पास खड़ी एक महिला का बच्चा गिर पड़ा। इससे पहले की बच्चे को कोई चोट आती श्रद्धालुओं ने उसे उठा लिया। इससे किसी को चोट नहीं लगी। यात्रा के दौरान रथ खींचने में धक्कामुक्की भी हुई, लेकिन स्वयंसेवकों की टीम ने स्थिति को संभाल लिया।