जगन्नाथ रथयात्रा: जानकारी के दौरान समिति के पदाधिकारी
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नयन उत्सव में तीन माह बाद बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ रविवार को श्रीहरि भक्तों को दर्शन देंगे। प्रतिवर्ष श्रीहरि के बीमार होने के कारण मंदिर के पट बंद रहने की अवधि 15 दिन की होती है, लेकिन इस वर्ष कोरोना के कारण तीन माह बाद मंदिर के पट भक्तों के लिए नयन उत्सव में खुलेंगे। पिछले वर्ष भी भक्तों ने नयन उत्सव में श्रीहरि के दर्शन ऑनलाइन किए थे। रविवार को दोपहर 12 बजे तीन सौ प्रकार के राजभोग संग विशेष आरती में फूल बंगला सहित मंदिर परिसर को भी फूलों से सजाया जाएगा।
श्रीजगन्नाथ मंदिर आगरा के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप ने बताया कि आषाढ़ माह की प्रतिपदा तिथि पर आयोजित होने जा रहे नयन उत्सव में दोपहर 12 बजे सिर्फ मंदिर परिसर के भक्त ही राजभोग आरती में भाग लेंगे। कोरोना की गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए अन्य भक्तों के लिए शाम चार बजे से रात 9.30 बजे तक दर्शन उपलब्ध होंगे। नयनोत्सव में चार विशेष आरती (दोपहर 12 बजे राजभोग आरती, शाम 4.30 बजे उत्थापन आरती, शाम 7 बजे गौर आरती, रात 9 बजे शयन आरती) की जाएंगी। इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविंद दास ने बताया कि कोरोना के कारण 12 जुलाई को विग्रह स्वरूपों के साथ श्रीजगन्नाथ यात्रा का आयोजन प्रतीकात्मक रूप से किया जाएगा। इस अवसर पर राहुल बंसल, कान्ता प्रसाद अग्रवाल, विमल नयन फतेहपुरिया, शैलेन्द्र अग्रवाल, आशू मित्तल, स्वाति अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, त्रिलोकचंद अग्रवाल, गोपाल नारायण, ललित माधव, रतन, सनातन गौरांग आदि उपस्थित थे।
गुंडिचा मार्जन में भक्तजन दे रहे सहयोग
रथयात्रा आयोजन के लिए गुंडिचा मार्जन आयोजन में रथयात्रा मार्ग व मंदिर परिसर की विशेष साफ सफाई की जा रही है। जिसमें भक्तजन भी सहयोग कर रहे हैं। नयन उत्सव में श्रीहरि 15 दिन के विश्राम के बाद अपने सिंहासन पर विराजेंगे। जहां भक्तजनों द्वारा प्रभु के आगमन पर उनके स्वागत में विशेष साफ सफाई व साज सज्जा कर सुंदर रूप दिया जा रहा है।
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