महिला ने शिकायत में कहा है कि दरोगा ने बयान कराने के दौरान उसका मोबाइल नंबर ले लिया। उसके बाद दरोगा और सिपाही उससे मोबाइल पर अश्लील बातें करने लगे। आरोप है कि 19 जुलाई 2018 को दरोगा, सिपाही पति के साथ रिश्तेदार के घर आए।
दोबारा बयान कराने की कहकर पुत्री सहित अपने साथ ले गए। तीन दिन तक दरोगा ने अपने कमरे पर बंधक बनाकर रखा। दरोगा और सिपाही ने कई बार दुष्कर्म किया।
वह किसी तरह निकली, लेकिन दो साल की पुत्री दरोगा के कमरे में रह गई। उसकी पुत्री की जान का खतरा है। दरोगा अजीत शर्मा और सिपाही संतोष यादव उसकी हत्या तक करा सकते हैं। शिकायत पर पुलिस सुनवाई नहीं कर रही है। मामले में कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच के निर्देश दिए हैं।