आगरा की प्रसिद्ध रामलीला शुरू होने में सिर्फ चार दिन बाकी हैं, लेकिन छावनी परिषद से मंचन की अनुमति अब तक नहीं मिली है। रामलीला मैदान में मुख्य मंच टूटा है और सड़क खुदी पड़ी है। दर्शकों के बैठने वाले हिस्से में भी अव्यवस्थाएं हैं। मैदान के एक हिस्से में झोपड़पट्टी और दूसरे में निजी बसें खड़ी होने से आयोजन की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उत्तर भारत की सुप्रसिद्ध रामलीला शुरू होने में अब सिर्फ चार दिन बाकी हैं। श्रीराम बरात के लिए झांकियां तैयार हो चुकी हैं और जनकपुरी में भी तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं, लेकिन जिस रामलीला मैदान में मुख्य मंचन होना है, वहां व्यवस्थाएं बदहाल हैं। छावनी परिषद से अब तक रामलीला मंचन की अनुमति नहीं मिली है।
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नगर निगम की ओर से मैदान में पुताई का काम नहीं कराया गया है। मुख्य मंच टूटा पड़ा है और मैदान में जगह-जगह अव्यवस्थाएं हैं। 25 सितंबर को गणेश पूजन और मुकुट पूजन होना है। इसके बाद 30 सितंबर से मंचीय रामलीला शुरू होगी। आयोजन की तारीख नजदीक आने के बावजूद मैदान की व्यवस्थाएं अंतिम रूप नहीं ले सकी हैं। मैदान में दर्शकों के बैठने वाले हिस्से में भी स्थिति ठीक नहीं है। कई जगह दीवारें बदरंग हैं। एक हिस्से में झोपड़पट्टी वालों का कब्जा है, जबकि दूसरे हिस्से में निजी बसें खड़ी होती हैं। इससे दर्शकों के बैठने और आवाजाही के लिए जगह को लेकर चिंता बनी हुई है। मुख्य मंच के कई हिस्से टूटे हैं। मैदान में एक तरफ सड़क खुदी पड़ी है।
हर साल इसी मैदान में रावण का पुतला तैयार किया जाता था लेकिन इस बार मैदान खुदी होने के कारण हनुमान मंदिर के पास रावण पुतले का काम करना पड़ रहा है। रामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि जुलाई में ही रक्षा संपदा अधिकारी को अनुमति के लिए पत्र भेजा गया था। अब तक अनुमति नहीं मिली है। हालांकि कमेटी अपनी ओर से तैयारियां कर रही है।