घिरोर। राम मंदिर आंदोलन के दौरान राम भक्तों में जोश भरने के लिए वर्ष 1990 में विहिप के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल मैनपुरी पहुंचे थे। घिरोर में पूर्व विधायक गंधर्व सिंह भदौरिया के आवास पर राम भक्तों से संवाद करके उनमें जोश भरा था। आंदेालन में अग्रणी भूमिका निभाकर आंदोलन को घिरोर में धार देने वाले हिंदूवादी नेताओं के नेतृत्व में राम भक्तों ने जेल भी काटी थी। अयोघ्या में बने राम मंदिर में भगवान राम की मृर्ति प्रतिष्ठा होने पर राम भक्त खुश नजर आ रहे हैं।
अयोध्या में मंदिर बनाने के लिए वर्ष 1980 और 1990 के दशक में आंदेालन तेज हुआ था। मंदिर आंदोलन से विहिप तथा आरएसएस के नेता जुड़े थे। भाजपा नेता भी मंदिर आंदोलन में शामिल हो चुके थे। मैनपुरी में भाजपा नेता रामबाबू कुशवाहा, पूर्व विधायक गंधर्व सिंह भदौरिया, आरएसएस के डॉक्टर रामेश्वर दयाल पुरंग, जंग बहादुर सिंह भदौरिया, शिवनाथ दुबे, विजय सिंह राम भक्तों में जोश भर रहे थे। वर्ष 1990 में घिरोर में पूर्व विधायक गंधर्व सिंह भदौरिया के आवास पर पहुंचकर अशोक सिंघल ने राम भक्तों के साथ बैठक करके उनमें मंदिर आंदोलन को धार देने के लिए जोश भरा था।
अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद मूर्ति प्रतिष्ठा की बात सुनकर मंदिर आंदोलन में मुखर रहे और कारसेवा में गए लोग बेहद खुश हैं। उनके घर तथा परिवार के लोगों में भी खासा उत्साह है। राम मंदिर आंदोलन के दौरान घिरोर के लोगों ने कारसेवा में भाग लेने के लिए भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था। प्रशासन द्वारा कारसेवा के लिए जाने वाले लोगों को गिरफ्तार कर मथुरा जेल भेज दिया गया था। घिरोर से विनीत अग्रवाल, सतेंद्र गुप्ता, भुवनेंद्र जैन, संतोष जैन, मुकेश राजपूत, मनोज जैन, राजू भदौरिया, श्यामवीर चौहान मंदिर आंदोलन में जेल गए थे।