इस संबंध में रविवार को आंवलखेड़ा में विहिप, बजरंग दल की आयोजकों के साथ बैठक भी हुई। विहिप के प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पाराशर ने बताया कि सभी की सहमति से आंवलखेड़ा में श्रीराम बरात भव्य रूप से निकाली जाएगी। इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि प्रशासन के साथ सहमति बन गई है।
उधर, भगवान श्री राम की बरात का आयोजन में तारीख के बदलाव पर भी लोगों ने रोष जताया है। लोगों का कहना है कि जब प्रशासन तारीख तय कर रहा है, तो आयोजन के खर्च आदि की जिम्मेदारी भी उठाए। आयोजन समिति ने राम बरात की तारीख 11 अक्तूबर तय की थी। पर, प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी।
इतना ही नहीं आयोजन से जुड़े 60 लोगों को पाबंद भी कर दिया। उसके इस कदम पर लोगों ने विरोध जताना शुरू किया, तो अब प्रशासन 11 के बजाय 15 अक्तूबर को राम बरात निकालने देने को तैयार है। लोगों को पाबंद करने के बाद दूसरी तारीख को आयोजन की अनुमति दिए जाने से स्थानीय लोगों में गुस्सा है।
लोगों का यह तक कहना है कि अगर प्रशासन तारीख तय कर सकता है तो पूरी राम बरात का खर्चा भी उठा सकता है। पिछले वर्ष राम बरात निकालने वाली समिति भारत संगम सेवा संस्थान के अध्यक्ष भूपेंद्र भारद्वाज ने कहा कि जिन 60 लोगों का पाबंद करने प्रशासन ने उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई है। उनसे लिखित में माफी मांगी जानी चाहिए।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां क्लिक करें