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अधेड़ उम्र के नेताओं से किनारा करेगी भाजपा, पुराने कार्यकर्ताओं में मची खलबली

Mon, 07 Oct 2019 11:33 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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bjp - फोटो : amar ujala
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भारतीय जनता पार्टी में अब मंडल स्तर पर जिम्मेदारी मिलना भी टेढ़ी खीर हो गया है। पार्टी ने 50 साल से अधिक उम्र के नेताओं को किनारे लगाने की तैयारी कर ली है। ये अब मंडल अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इससे वरिष्ठ नेताओं में खलबली मची हुई है। 
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भाजपा के महानगर में 18 मंडल हैं। पिछले साल तक इनकी संख्या 15 थी। पार्टी ने इस साल मंडलों का नया परिसीमन कराया है। भाजपा मंडल अध्यक्षों का चुनाव 13 और 14 अक्तूबर को होना है। 

इसके लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। हाल ही में जयपुर हाउस स्थित कार्यालय पर ब्रजक्षेत्र, जिला और महानगर इकाई के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में नए दिशा-निर्देश तय किए गए। 
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इसमें सबसे प्रमुखता से उम्र की बाध्यता रही। तय किया गया है कि 50 साल से अधिक उम्र के कार्यकर्ता मंडल अध्यक्ष के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही जो कार्यकर्ता दो बार मंडल अध्यक्ष रह लिया है, वह भी आवेदन प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेगा। आवेदक का दो बार सक्रिय सदस्य रहना अनिवार्य होगा।

संगठनात्मक दृष्टि से मंडल में रहा पदाधिकारी महानगर इकाई में समायोजित किया जा सकता है। लेकिन, यहां पहले से ही लंबी लाइन होती है। ऐसे में मंडल के 50 साल से अधिक उम्र के कार्यकर्ता के लिए यहां भी जगह मिलना मुश्किल ही है। इन हालातों में वह सिर्फ मार्गदर्शक मंडल से जुड़ा रहकर ही अपने पुराने भाजपाई होने का दंभ भर सकते हैं।

दलबदलुओं ने बढ़ाई मुश्किल
वर्ष 2014 में केंद्र और वर्ष 2017 में प्रदेश में सरकार बनने के दौरान दूसरे दलों के तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा का दामन थामा। पार्टी में शामिल कराने वाले दिग्गज भाजपाई अब अपने खेमे को मजबूत करने के लिए इन दलबदलुओं को पार्टी में पद दिलाने के लिए जुगत लगा रहे हैं। इन्हीं की वजह से पुराने भाजपाइयों की मुश्किल बढ़ी है।
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