देहात क्षेत्र के बाजारों में बुधवार को रक्षाबंधन के लिए लोगों ने जमकर खरीदारी की। बाजार में त्योहार की रौनक देखते ही बन रही थी। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर बांधने के लिए राखियां खरीदीं तो वहीं घेवर की दुकानों पर खासी भीड़ नजर आई।
बाह, जरार, जैतपुर, बटेश्वर, भदरौली, स्याहीपुरा, चित्राहाट, नन्दगवां, बासौनी, कचौराघाट में खरीदारी के लिए खासी भीड़ उमड़ी। राखी पिछले साल के मुकाबले 20 से 25 फीसदी महंगी होने के बाद भी बहनों ने जमकर खरीदारी की। राखी बाजार में छोटा भीम, बाल हनुमान, सुपरमैन, स्पाइडर मैन जैसे कार्टून की राखियां छाई रहीं। हलवाइयों की दुकानों पर घेवर को सजाकर रखा गया। लोगों ने घेवर की जमकर खरीदारी की। खाद्य विभाग ने घेवर के नमूने लेने की कोई जहमत नहीं उठाई। पिनाहट में गहनों की दुकानों पर भी भीड़ देखी गई। बाजार में भीड़ के कारण अंबेडकर तिराहा और सदर बाजार में जाम लगा रहा। किरावली में घेवर समेत अन्य मिठाइयों की भी बिक्री हुई। दुुकानदार जगवीर सिंह चाहर का कहना है कि महंगाई के चलते बिक्री प्रभावित हो रही है। घेवर रक्षाबंधन से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तक बिकेगा। अछनेरा के मुख्य बाजार, भरतपुर रोड, रेलवे स्टेशन बजरिया में जमकर खरीदारी हुई। खासकर महिलाओं में रक्षाबंधन को लेकर उत्साह देखा गया।
रक्षाबंधन पर बन रहा सिंहासन-गौरी योग
बाह (आगरा)। इस बार रक्षाबंधन पर गुरुवार को सिंहासन-गौरी योग बन रहा है। भद्रा काल की काली छाया भी नहीं रहेगी। बहनें अपने भाई की राशि के अनुसार उनकी कलाई पर राखी बांधेंगी तो शुभ फलदायी रहेगा। ज्योतिषाचार्य शिव शरण पारासर ने बताया कि राखी के त्योहार पर सिंहासन और गौरी का संयोग भाई-बहनों के लिए शुभ रहेगा।
एक ओर जहां सिंहासन राजपाट का प्रतीक है तो वहीं, गौरी खुशहाली का प्रतीक है। दोनों योगों में किये गये कार्य शुभ और मंगलकारी होते है। उन्होंने बताया कि 18 अगस्त को सूर्योदय से दोपहर तक राखीे बांधने का शुभ मुहूर्त है। भद्रा काल सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जायेगा। भद्रा सूर्य की पुत्री है और शनि की बहन है। इसलिए भद्रा के समय में कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता। रक्षाबंधन पर गुरुवार का होना भी श्रेष्ठ है। देव गुरु बृहस्पति ने इंद्र को असुरों पर विजय पाने के लिए रक्षासूत्र बांधा था। तभी से यह त्योहार मनाने की परंपरा शुरू हुई। गुरुवार को सुबह छह से शाम सात बजे तक बहनें भाइयों की सफलता और अपनी खुशहाली के लिए रक्षासूत्र बांध सकेंगी। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि यदि बहनें भाई की राशि के अनुसार रंग की राखी बांधेंगी तो शुभ फलदायी साबित होगा। मेष, सिंह, वृश्चिक राशि वाले भाइयों की कलाई पर लाल, वृषभ, कर्क राशि वाले भाइयों की कलाई पर सफेद, मिथुन, कन्या राशि वाले भाइयों की कलाई पर हरे, तुला, धनु, मीन राशि वाले भाइयों की कलाई पर पीले, मकर राशि वाले भाइयों की कलाई पर नीले और कुंभ राशि वाले भाइयों की कलाई पर गहरे रंग की राखी बांधा जाना शुभ रहेगा।