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अनदेखीः आईआरसीटीसी के 'उपहार' लेकर भूला रेलवे, कबाड़ बनीं दिव्यांग यात्रियों की सुविधाएं

Sat, 11 Jan 2020 12:15 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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कबाड़ बनीं दिव्यांग यात्रियों की सुविधाएं - फोटो : अमर उजाला
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आगरा रेल मंडल को उपहार में मिली गोल्फ कार्ट हो या फिर कोच से दिव्यांग यात्रियों को ले जाने वाली लिफ्ट कुर्सी। यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए मिलीं ये चीजें अधिकारियों की लापरवाही के चलते कबाड़ बनी हुई हैं आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर गतिमान और शताब्दी से आने वाले वीआईपी मेहमानों के लिए आईआरसीटीसी ने मई 2015 में दो गोल्फ कार्ट उपहार में दी थीं, लेकिन रेलवे अफसरों ने बगैर ड्राइवरों के इन्हें लेने से इनकार कर दिया।
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इसके बाद आईआरसीटीसी ने जनवरी 2016 से ड्राइवर भी मुहैया करा दिया और ड्राइवर का एक साल तक का व्यय वहन किया। इसके बाद ड्राइवरों के अभाव में गोल्फ कार्ट पार्सलघर में पटक दी गईं।

दिव्यांग यात्रियों के लिए ढाई साल पहले लिफ्ट कुर्सी दी गई, जिससे कि कोच के बाहर से ही यात्री को बैठाकर ले जाया जा सके, लेकिन इसे भी वर्ष 2018 में कबाड़े में डाल दिया गया। दो साल पहले दो व्हील चेयर भी रेलवे को आईआरसीटीसी की ओर से दी गईं थीं कि
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जोकि यात्रियों को मुहैया नहीं हो पाती हैं। 
 
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छह ग्रीन टायलेट भी हटा दिए 
आगरा कैंट के सर्कुलेटिंग एरिया में तीन साल पहले छह ग्रीन टॉयलेट आईआरसीटीसी की ओर से लगवाए गए थे। इनकी देखभाल भी रेलवे को करनी थी, लेकिन सर्कुलेटिंग एरिया के विस्तार से पहले ही इन्हें छह माह के भीतर हटवा दिया गया। 

अपने खर्च पर गोल्फ कार्ट नहीं चला सकते : डीसीएम
गोल्फ कार्ट को संचालित करने के लिए एक सामाजिक संस्था को दिया था, लेकिन वह छह माह ही चला सके। अब इनका संचालन करने के लिए कोई नहीं आया है। इसे चलाने से प्लेटफार्म पर भी दिककतें आती हैं। व्हील चेयर स्टेशन अधीक्षक के कक्ष में रखी हैं, यात्री मांगते हैं तो उन्हें देते हैं। - एसके श्रीवास्तव, डीसीएम, आगरा रेल मंडल
 
व्हील चेयर के लिए भी काटने पड़ते हैं चक्कर
स्टेशन पर सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां असहाय यात्रियों के लिए व्हील चेयर के लिए भी चक्कर काटने पड़ते हैं। स्टेशन पर मौजूद अधिकारी भी यात्रियों की सुनवाई नहीं करते हैं।  - पूनम अग्रवाल, यात्री
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