यहां तय योजना के मुताबिक गाजियाबाद के ठेकेदार दीपक अग्रवाल ने इंजीनियर को पांच लाख रुपये की रिश्वत थमाई। तभी सीबीआई की टीम ने उसको हिरासत में ले लिया।
23 लाख रुपए की मांगी थी रिश्वत
टीम पूरी रात पूछताछ और कार्यालय के रिकार्ड की जांच पड़ताल करती रही। तड़के करीब साढ़े चार बजे आरोपी इंजीनियर शैलानी को टीम गाजियाबाद स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेशी के लिए लेकर रवाना हो गई।
सीबीआई टीम के सदस्य ने बताया कि ठेकेदार ने टूंडला से भरथना के बीच रेल अंडरपास बनवाने के लिए टेंडर डाला था। इंजीनियर उससे 23 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था। उन्होंने इसकी शिकायत एंटी करप्शन विंग में की थी। इसके बाद यह कार्रवाई की गई।
आगरा रेल मंडल के वाणिज्य प्रबंधक/जनसंपर्क अधिकारी डॉ. संचित त्यागी ने बताया कि अधिकारी कानपुर उपमंडल का है। सीबीआई टीम ने कार्रवाई की है, उन्हें पूरी जानकारी नहीं है।