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रेल रोको आंदोलन : किसानों ने किया प्रदर्शन, रेलवे स्टेशन पर जाने के लिए पुलिस से नोकझोंक

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कासगंज के सहावर में किसानों की मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्? - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। सोमवार को जिले में किसान आंदोलन का अलर्ट था। किसान संगठनों का रेल रोको आंदोलन प्रस्तावित था, लेकिन पुलिस प्रशासन की सख्ती के चलते रेल रोकने में किसान सफल नहीं हुए, लेकिन किसानों ने जमकर नारेबाजी की। रेलवे स्टेशन में प्रवेश करने के लिए प्रशासन के द्वारा लगाए बैरिकेड किसानों ने हटा दिए। पुलिसबल से नोंकझोंक भी हुई। वहीं रेलवे स्टेशन परिसर में भी रेलवे सुरक्षा बल और पीएसी ने किसानों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। यहां भी नोंकझोंक का आलम दिखाई दिया।
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दोपहर तक काफी बारिश का माहौल बना हुआ था, लेकिन बारिश के बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट पर थे। भारतीय किसान यूनियन स्वराज, भाकियू टिकैत के पदाधिकारी और कार्यकर्ता दोपहर के बाद किसानों की भीड़ के साथ जुलूस निकालते हुए निकले। किसान जमकर सरकार के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। गांधी मूर्ति पर जैसे ही किसानों का जुलूस पहुंचा तो जुलूस का नेतृत्व कर रहे किसान यूनियन स्वराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पांडे ने अपने पदाधिकारियों के साथ रेलवे रोड मार्ग पर प्रवेश करना चाहा, लेकिन वहां बैरिकेड लगे थे। पुलिस और पीएसी के लोग बैरिकेड के दूसरी ओर खड़े थे। किसानों को रोकने के लिए समझाते नजर आए, लेकिन किसान नहीं माने, लेकिन बैरिकेड हटाकर रेलवे स्टेशन की ओर दौड़ पड़े। रेलवे स्टेशन परिसर में किसानों को नहीं घुसने दिया गया। वहां भी रेलवे सुरक्षाबल, जीआरपी पीएसी, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी बैरिकेड पर मौजूद रहे।
इस दौरान किसान नेताओं और किसानों से पुलिस बल के बीच नोंकझोंक हुई। बाद में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने किसानों को समझा बुझाकर शांत किया। किसानों ने अपने ज्ञापन सौंपे। किसान यूनियन स्वराज मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान यूनियन के जिलाध्यक्ष आशीष पांडे, राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव श्यामवीर सिंह, मोहित कुमार, उपेंद्र यादव, जयनंदन यादव, तोताराम, रामखिलाड़ी, संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।
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ये थीं किसानों की चार मांगें
- तीनों कृषि कानूनों को अतिशीघ्र वापस कराया जाए।
- एमएसपी रेट और खरीद दोनों पर बाध्यकारी कानून बनाया जाए।
- विद्युत बिल अधिनियम 2020 तत्काल रद्द किया जाए।
- संपूर्ण किसानों का केसीसी कर्जा माफ किया जाए।

कासगंज में रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार से घुस रहे भाकियू स्वराज के कार्यकर्ताओं को रोकती पुलिस ।- फोटो : KASGANJ

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