कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह मीनू
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ताजनगरी में चार महीने बाद कांग्रेस को शुक्रवार को जिलाध्यक्ष मिल गया। प्रदेश नेतृत्व ने राघवेंद्र सिंह मीनू को यह जिम्मेदारी सौंपी है। मीनू को 2019 में अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित किया गया था। बाद में निष्कासन वापस ले लिया था। वह इससे पहले युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं।
शहर के मदिया कटरा निवासी राघवेंद्र सिंह मीनू ने जिला संगठन में भी पद संभाले हैं। वह जिला महामंत्री रह चुके हैं। 2019 में अनुशासनहीनता के आरोप में हाजी जमीलउददीन समेत 13 लोगों के साथ निष्कासित कर दिया गया था। बाद में मीनू का निष्कासन वापस कर लिया गया था। अब उन्हें जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। यह पद 23 अगस्त से खाली चल रहा था।
उनसे पहले कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रहीं मनोज दीक्षित पर बिजली कंपनी से रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। इस पर हाईकमान ने उनसे इस्तीफा ले लिया था। तब से संगठन के वरिष्ठ नेताओं के सामने कई बार यह मुद्दा आया कि जिलाध्यक्ष पद पर किसी को मनोनीत किया जाए ताकि संगठन की गतिविधियां सुचारू रूप से चल सकें।
वरिष्ठ कांग्रेसी लगातार इसकी मांग कर रहे थे। राघवेंद्र सिंह मीनू को जिलाध्यक्ष बनाए जाने से उन लोगों की वापसी की आस जग गई है जिन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में निष्काषित किया गया था। इनमें से कई लोग अपना अलग संगठन बनाकर काम कर रहे हैं।