फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vrindavan: सिंहासन पर विराजे राधारमण लाल, 100 जड़ी बूटियों के मिश्रित दिव्य जल से हुआ महाभिषेक

Mon, 16 May 2022 01:41 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

वृंदावन में वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को सप्त देवालयों में से एक ठाकुर राधारमण लाल का प्राकट्य उत्सव मनाया गया। सोमवार सुबह महाभिषेक के बाद बधाई गायन हुआ।
विज्ञापन
ठाकुर राधारमण महाराज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मथुरा के वृंदावन के सप्तदेवालयों में से एक माधवगौड़ीय संप्रदाय के ठाकुर राधारमण महाराज का प्राकट्योत्सव सोमवार को विविध धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया गया। सुबह सेवायत गोस्वामियों ने ठाकुरजी के श्री विग्रह का दूध, दही, घी, शहद, बूरा एवं जल से महाभिषेक किया। संकीर्तन, पुष्प वाटिका, चौसठ महंत, छप्पन भोग, झाला भोग एवं वैष्णव सेवा जैसे आयोजनों के साथ-साथ नंद उत्सव की प्राचीन परंपरा के अंतर्गत गोपालोत्सव भी धूमधाम से मनाया। 
विज्ञापन


सेवायत श्रीवत्स गोस्वामी ने बताया कि समाज गायन और मंगल बधाई गीत हुए। महाभिषेक के समय मंदिर परिसर देशी-विदेशी श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। भक्तजनों ने ठाकुर राधारमणलाल के अद्भुत सौंदर्य और अनंत माधुर्य की सुंदर झांकी का दर्शन कर जीवन धन्य किया। उत्सव में मंदिर के सेवायतों ने भक्तों में पंचामृत प्रसाद वितरण किया। 

शृंगार आरती के दर्शनों के लिए मंदिर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मीठे शरबत की प्याऊ लगाई गई। शाम को भव्य फूल बंगला सजाया गया। इस अवसर पर अनिल गोस्वामी, पद्मनाभ गोस्वामी, पद्मलोचन गोस्वामी, आलोक गोस्वामी, अनुभूति कृष्ण गोस्वामी, सेवायत सलिल गोस्वामी , शरद गोस्वामी आदि उपस्थित थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

शालिग्राम के श्रीविग्रह के रूप में विराजे

राधारमण मंदिर के सेवायत डॉ. कपिल गोस्वामी ने बताया कि लगभग 480 वर्ष पूर्व बैकुंठ के गोपाल ब्रजभूमि में धरती के गोपाल से मिलने के लिए ठाकुर राधारमण लाल जू के श्रीविग्रह के रूप प्राचीन गोमा टीला से प्रकट हुए थे। 

ब्रजभूमि में ठाकुर राधा रमण लाल के दर्शन करने से  गोविंद देव , गोपीनाथ, मदन मोहन और चैतन्य महाप्रभु के दर्शन ठाकुर राधा रमण लाल के श्री विग्रह में भक्तों को प्राप्त होते हैं और संपूर्ण विश्व में शालिग्राम के श्रीविग्रह के रूप में केवल ठाकुर राधारमण लाल ही विराजित हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें