शोरूम के पिछले हिस्से में स्टोर बना था। इसमें 30 से अधिक लैपटॉप रखे थे। शोरूम में ज्यादातर सामान जल गया। जो लैपटॉप और कंप्यूटर बचे थे, वो पानी से खराब हो गए। मालिक ने 30 लाख रुपये के नुकसान की बात कही है। थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि आग एसी में शार्ट सर्किट से लगना बताया गया है। दुकान मालिक से जानकारी की जाएगी।
शहर का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र
संजय प्लेस शहर का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। कंप्यूटर मार्केट में दुकानें एक-दूसरे से सटी हुई हैं। गोदाम भी बने हुए हैं। कई मार्केट दो से तीन मंजिल बने हुए हैं। आग लगने के बाद अन्य कारोबारियों को लग रहा था कि आग की लपटें उनकी दुकानों तक न आ जाएं। इससे वो परेशान हो गए। दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे। कुछ लोगों ने सामान भी निकालना शुरू कर दिया। मगर, समय रहते दमकल के पहुंचने की वजह से आग बुझा ली गई।
बदलवा लें पुरानी वायरिंग
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अक्षय रंजन शर्मा ने बताया कि शॉर्ट सर्किट से आग लगने की प्रमुख वजह बिजली की पुरानी वायरिंग होती है। लोग अपने घर और प्रतिष्ठान में बिजली को लोड बढ़ा देते हैं। मगर, वायरिंग को नहीं बढ़ाया जाता है। उपकरणों के एक साथ चलने से पुरानी वायरिंग में शॉर्ट सर्किट होता है और आग लग जाती है। इसलिए लोगों को चाहिए कि वो पुरानी वायरिंग बदलवा लें। यह लोड के हिसाब से होनी चाहिए।
दो जगह और लगी आग
दूसरी घटना सिकंदरा में रेलवे लाइन के पास स्थित नई बस्ती में हुई। यहां के रहने वाले मजदूर उम्मेद सिंह के मकान में रविवार दोपहर को एक बजे आग लग गई। आग पहली मंजिल पर बने कमरे में लगी थी। इसमें सामान रखा हुआ था। इस पर छत नहीं थी। टीनशेड थी। बताया गया है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी थी। कमरें में सिलिंडर भी रखा था। आग लगता देखकर लोग जुट गए। लोगों ने बाल्टियों से पानी डाला। पाइप लगाकर पानी चलाया। तब कहीं आधा घंटे में आग बुझ सकी। आग में सारा सामान जल गया।
वहीं तीसरी घटना जलेसर रोड पर टेढ़ी बगिया की है। यहां पर जगदीश प्रजापति की मार्केट है। पहली मंजिल पर कमरा बना हुआ है। इसके बगल में जगह खाली पड़ी है। इसमें कबाड़ सामान रखा था। दोपहर 2:30 बजे कबाड़ में आग लग गई। लपटें निकलने पर लोग आ गए। मार्केट में दुकानदार घबरा गए। उन्होंने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना पर दमकल आ गई। आधा घंटे में आग बुझाई जा सकी। आग लगने का कारण पता नहीं चल सका है।