सिकंदरा के एक स्कूल में रखे गए 18 वर्ष के युवक का कहना है कि वह मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए गया था तभी पुलिस आ गई। उसे जमातियों के संपर्क में होने के शक में क्वारंटीन सेंटर लाया गया। एक माह से अधिक हो गया अब मां की बहुत याद आ रही है। उसे घर नहीं भेजा जा रहा है।
केस-2: रिपोर्ट निगेटिव... फिर क्यों रखा है
रिसोर्ट में रखे गए नई बस्ती के शख्स ने बताया कि उसकी तीन बार जांच हो चुकी है। तीनों रिपोर्ट निगेटिव हैं। उसने क्वारंटीन का समय पूरे एहतियात के साथ पूरा किया है। अब तो 40 दिन के करीब हो गए हैं, फिर भी घर नहीं जाने दिया जा रहा है।
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सिर्फ ये दो नहीं, दिल्ली रोड और सिकंदरा के दो क्वारंटीन सेंटरों में रखे गए 90 से ज्यादा लोगों को 40 दिन बाद भी घर नहीं भेजा गया है। इनकी कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। अब ये लोग प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। इनका आरोप है कि सुनवाई नहीं की जा रही है। अफसर इतना तक नहीं बता रहे हैं कि उन्हें कुल कितने दिन यहां रहना होगा? क्वारंटीन का कुछ तो समय तय होगा।
अफसरों से कहा, कोई नहीं सुन रहा
प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी रिसोर्ट के लोगों को नहीं छोड़ा जा रहा है। इनमें एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जोकि बीमार हो। इन सभी के घरवालों को इंतजार है कि रमजान में उनके अपने साथ हों, लेकिन देरी की वजह भी नहीं बताई जा रही है। -हाजी जमीलउद्दीन कुरैशी, उपाध्यक्ष, ऑल इंडिया जमीतुल कुरैश
क्वारंटीन अवधि पूरी तो क्यों नहीं छोड़ रहे
नई बस्ती के कई लोग क्वारंटीन सेंटर में स्वस्थ होने के बाद भी रह रहे हैं। जब क्वारंटीन पीरियड खत्म हो चुका है तो फिर घरों को क्यों नहीं भेजा जा रहा है। संक्रमण लगातार फैल रहा है। और भी लोगों को क्वारंटीन सेंटरों की जरूरत है। ऐसे में स्वस्थ लोगों को निश्चित समय के बाद छोड़ना चाहिए। -वाजिद निसार, सपा नेता
सैंपल लिए हैं, रिपोर्ट आने पर छोड़ा जाएगा
रिसोर्ट में कुछ जमाती हैं, उनकी जांच होगी। बुधवार को स्कूल से 35 और रिसोर्ट के 12 (कुल 47) लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें 18 की रिपोर्ट आई है, इन्हें छोड़ा जा रहा है। बाकी लोगों को रिपोर्ट आने के बाद छोड़ा जाएगा। -डॉ. प्रभाकांत अवस्थी, एडीएम सिटी