उसने अपने समर्थक भी बुला लिए और टीम से अभद्रता करने लगा। इस पर टीम को पुलिस बुलानी पड़ी। दुकान के निरीक्षण में भारी मात्रा में मेडिकल वेस्ट और दवाएं मिलीं। पूछताछ में कहा कि 30 साल से प्रैक्टिस कर रहा है। नोटिस देकर डिग्री, लाइसेंस समेत अन्य जानकारी मांगी गई है। उपलब्ध नहीं कराने पर एफआईआर कराई जाएगी।
दुकान में लगी थी मरीजों की भीड़
सीएमओ ने बताया कि छापे के वक्त उसके यहां 10-12 मरीज थे। इनमें बच्चे, महिला और बुजुर्ग भी थे। सबसे ज्यादा बच्चे मरीज थे। इनको वायरल बुखार, दस्त, खुजली समेत अन्य पेरशानी थी। खुद ही परामर्श देने के साथ दवाएं दे रहा था, इसके टीम के सामने दवाओं के रुपये भी ले रहा था। झोलाछाप के यहां भारी मात्रा में दवाएं रखी हुई थीं। औषधि विभाग को भी इसकी सूचना दे रहे हैं।