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Agra News: पर्चा-दवा के लिए धक्कामुक्की, वायरल फीवर की मार

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आगरा। सोमवार को जिला अस्पताल और एसएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ उमड़ी। इससे अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गईं। मरीजों को पर्चा बनवाने, डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में चार से पांच घंटे का समय लगा।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में तीन हजार से अधिक मरीज पहुंचे। पर्चा काउंटर सीमित होने से 100 मीटर लंबी लाइन लग गई। ओपीडी में कूलर या एसी नहीं लगे थे। उमस और गर्मी से बुजुर्ग व महिला मरीजों की हालत खराब हुई। पर्चा और दवा के लिए धक्कामुक्की भी हुई, जिसे गार्डों ने संभाला। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 3,433 मरीज इलाज कराने आए। आभा पोर्टल पर पंजीकरण के कारण पर्चा बनवाने में दो से तीन मिनट अतिरिक्त लग रहे हैं। धनौली की गीता ने बताया कि उन्हें पर्चा बनवाने में करीब तीन घंटे लगे। शाहगंज निवासी सनी कुमार को भी भीड़ और अव्यवस्था से परेशानी झेली।



बीमारियों का बढ़ा प्रकोप

एसएन के बाल रोग विभाग के डॉ. नीरज यादव ने बताया कि बदलते मौसम से बच्चों में तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी और गले में खराश बढ़ रही है। दूषित सामग्री से उल्टी-दस्त के मरीज भी आ रहे हैं। बाल रोग ओपीडी के 175 मरीजों में से 60-70 फीसदी इन्हीं परेशानियों से ग्रस्त थे। त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि 299 मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं के साथ आए। उमस और पसीने से फंगल इन्फेक्शन, खुजली, जलन, चकत्ते और लाल दाने हो रहे हैं। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. केसी धाकड़ ने बताया कि बुखार, खांसी, गले में खराश, उल्टी-दस्त और त्वचा रोग के मरीज सबसे अधिक हैं।
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बचाव के उपाय

मरीजों को खुले व दूषित स्थानों पर बनने वाली सामग्री खाने से बचना चाहिए। बच्चों को खिलाने से पहले हाथ साबुन से साफ करें। बुखार होने पर खुद को क्वारंटाइन कर आराम करें। कटे-गले फल और रेफ्रिजरेटर में रखे बासी भोजन से भी बचें। गले में खराश होने पर गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालकर गरारे करें।
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