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Purane Panno Se: देसाई सरकार को थी संजय गांधी के विदेश भागने की आशंका, जानें क्या था मामला

Sun, 02 Jun 2024 08:45 AM IST
अनुज कुमार संजीव सिंह, अमर उजाला, आगरा

सार

 26 जून, 1977 को अमर उजाला के खबर में एक खबर छपी थी। जिसमें गैर कांग्रेसी सरकार ने कार्रवाई करते हुए संजय गांधी और उनकी पत्नी मेनका के उड़ान लाइसेंस निलंबित कर दिए थे।
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पुराने पन्नों से - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आपातकाल के दौरान हुई ज्यादतियों से डरी कांग्रेस को कार्रवाई की जो आशंका थी, वह 1977 में उसकी हार के बाद सच साबित हुई। सत्ता में आई पहली गैर कांग्रेसी सरकार ने ज्यादतियों की जांच के लिए आयोग गठित कर दिया। 

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जनता पार्टी सरकार ने संजय गांधी और उनकी पत्नी मेनका के उड़ान लाइसेंस निलंबित कर दिए। अमर उजाला के 26 जून, 1977 के अंक में प्रकाशित समाचार के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका के जवाबी हलफनामे में कहा गया था कि संजय गांधी के देश छोड़ने और मेनका गांधी के इस काम में मदद करने की आशंका के चलते दोनों के उड़ान लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। 

संजय गांधी और उनकी पत्नी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें नागरिक उड्डयन कार्यालय में प्रशिक्षण और अनुज्ञा निदेशक वी रामा सुब्रह्मण्यम के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुब्रह्मण्यम ने जवाबी हलफनामे में कहा था कि संजय गांधी का पासपोर्ट जब्त किया जा चुका है। 
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आगे कहा कि वे उड़ान भरकर जनजीवन को हानि न पहुंचा सकें और देश छोड़कर न जा सकें, इस वजह से लाइसेंस निलंबित कर दिया है। हलफनामे में कहा गया था कि उनके देश छोड़कर जाने में पत्नी मेनका गांधी मदद कर सकती हैं, इसलिए उनका लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया गया है।
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