कमीशनखोरी के मामले में दर्ज हुआ था मुकदमा
विश्वविद्यालय में परीक्षा संबंधी कार्य करने वाली डिजीटेक्स टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मालिक डेविड मारियो डेनिस ने 30 अक्तूबर को प्रभारी कुलपति रहे प्रो. विनय पाठक पर कमीशनखोरी पर आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि एजेंसी के भुगतान के लिए वह 1.41 करोड़ रुपये प्रो. पाठक के कहने पर सहयोगी अजय मिश्रा को दिए हैं और अभी 10 लाख और मांग रहे हैं।
एसटीएफ ने इन मुख्य मामलों की कर रही है जांच
- बिना मानक के 201 कॉलेज और पाठ्यक्रमों को स्थायी मान्यता देना।
- 90 हजार का बेड, 85 हजार की अलमारी वाला फर्नीचर घोटाला।
- शिक्षकों की नियुक्तियां और आंगनबाड़ी किट के नाम पर वसूली।
- भवन निर्माण कार्य और इनके बिल के भुगतान संबंधी मामले।
- रूसा के तहत बजट की वित्तीय गड़बड़ी।
- परीक्षा केंद्र निर्धारण करने।
- बीएचएमएस के पुर्न मूल्यांकन करवाना।