मुख्यमंत्री से लगाई थी गुहार
एडीए की मियाद खत्म होने से एक दिन पहले ही ताजगंज के व्यापारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा से लखनऊ में प्रत्यावेदन सौंपा। त्योहार पर व्यावसायिक गतिविधियां बंद नहीं कराने की मांग रखी। मुख्य सचिव के निर्देश पर 17 अक्तूबर को जिलाधिकारी नवनीत चहल, एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ सहित 15 विभागों के अधिकारियों के साथ ताजगंज के व्यापारियों की बैठक हुई।
जिसके बाद प्रशासन ने आगे की कार्रवाई करने से पहले सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से इस मामले में विधिक राय लेने का निर्णय किया। परंतु दो दिन में विधिक राय को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने रुचि नहीं दिखाई। जिसके कारण मामला अधर में फंसा है। यदि एडीए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कराता तो अवमानना के मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। ऐसे में एडीए और प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।