आगरा। ताजगंज इलाके की प्रिया कुशवाह ने अपनी इच्छाशक्ति और क्रोशिया की कला के दम पर आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिखी है। उन्होंने न केवल स्वयं को आर्थिक रूप से सशक्त किया बल्कि शेरावाली माता स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 30 से अधिक महिलाओं को रोजगार का नया साधन उपलब्ध कराया है।
प्रिया ने घरेलू महिलाओं को आर्थिक आजादी दिलाने के उद्देश्य से इस समूह की नींव रखी। उन्होंने महिलाओं को क्रोशिया कला का प्रशिक्षण दिया। अब महिलाएं घर बैठे शानदार उत्पाद तैयार कर रही हैं। इनके बनाए गए क्रोशिया के फ्लावर स्टिक, ठाकुरजी की पोशाक, स्टाइलिश हैंड पर्स, की-चेन और थालपोस की मांग अब आगरा के साथ-साथ अन्य शहरों के बाजारों में भी बढ़ रही है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त स्वरोजगार राजन राय ने बताया कि योगी सरकार का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। प्रिया का समूह पीएम मोदी के विजन का उत्कृष्ट उदाहरण है। शासन स्तर पर इन समूहों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और सरस प्रदर्शनी जैसे मंचों के माध्यम से बड़े बाजार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रिया स्वयं भी 20 से 25 हजार रुपये मासिक कमा रही हैं। जबकि समूह की अन्य सदस्य भी 8 से 10 हजार रुपये प्रतिमाह आय अर्जित कर रही हैं।