जिला जेल में बंदी की मौत के बाद प्रदर्शन करते परिजन
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जिला कारागार में बंदी की मौत बीमारी से नहीं बल्कि मारपीट से हुई थी। उसे इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसका लिवर फट गया। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। रविवार को सात घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद शव का अंतिम संस्कार हुआ।
परिजनों की तहरीर पर दरोगा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसपी ने दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं जेल के सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोगों को बंदी के साथ मारपीट करते देखा गया है।
थाना किशनी पुलिस ने शुक्रवार को छोटू उर्फ विनय व उसके भाई ब्रजेश को अवैध कच्ची शराब के मामले में जेल भेजा था। शाम के समय उसकी तबियत बिगड़ गई तो जेल अस्पताल में भर्ती कराया था।
शनिवार की सुबह एंबुलेंस से छोटू को जिला अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुस्साए परिजनों ने थाना पुलिस पर मारपीट करने, झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाते हुए जाम लगाकर प्रदर्शन किया था।