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एटा: गंभीर बीमारी में कैसे मिले गरीबों को इलाज, नहीं बने गोल्डन कार्ड

Thu, 07 Jan 2021 07:46 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा

सार

  • जिले में अब तक योजना के तहत 2956 मरीज ले चुके हैं उपचार 
  • चार लाख 60 हजार से अधिक लाभार्थियों के कार्ड बनने हैं जिले में कार्ड 
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आयुष्मान योजना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसी भी गरीब की मौत बीमारी के कारण न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया। जिले में योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। 92 हजार परिवारों के सापेक्ष अब तक केवल 75 हजार लोगों के ही गोल्डन कार्ड बन पाए हैं। वहीं जिन लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं, उसमें से अब तक 2719 लोगों ने प्राइवेट और 237 ने सरकारी अस्पताल में अपना इलाज कराया है। 
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वर्ष 2018 सितंबर माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ किया गया। योजना का मुख्य उदेश्य था कि प्रत्येक गरीब परिवार को पॉच लाख रुपये का मुफ्त में इलाज। इसी के तहत जिले के 86702 परिवारों को योजना में शामिल किया गया।


वर्ष 2019 मार्च में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मुख्यमंत्री आरोग्य योजना शुरु की गई। जहां आयुष्मान योजना से वंचित जिले के 5338 लाभार्थियों को शामिल किया गया। जिले में दोनों योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या 92040 पर पहुंच गई, लेकिन जिले में दो जनवरी तक सिर्फ 75013 लाभार्थियों के कार्ड बन पाए हैं।
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एक परिवार में पांच सदस्यों का है मानक 
शासन का मानना है कि एक परिवार में पांच सदस्य होते हैं। इसी के तहत जिले में चार लाख 60 हजार से अधिक लाभार्थियों के कार्ड बनने हैं। 

2956 लाभार्थी ले चुके है लाभ 
प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना व मुख्यमंत्री आरोग्य योजना के तहत जिले में अब तक 2956 लाभार्थी योजना का लाभ ले चुके हैं। जहां तीन करोड़ 47 लाख रुपये से 2956 मरीजों का उपचार कराया गया है। 

जिले में 10 सरकारी व चार निजी अस्पताल हैं शामिल 
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 10 सरकारी व चार निजी अस्पतालों को शामिल किया गया है। योजना में जिला अस्पताल पुरुष व महिला सहित सभी सीएचसी व शहर के तीन जलेसर का एक नर्सिंग होम योजना में रखा गया है। 

लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बन सकें इसके लिए जगह- जगह कैंप लगवाए जा रहे हैं। शासन की योजना थी कि कॉमन सर्विस सेंटरों से यह कार्ड बनाए जाएं, यहां प्रति कार्ड तीस रुपये का शुल्क था, इसके कारण गरीब कार्ड बनवाने नहीं पहुंच रहे थे। अब योजना में बदलाव किया गया है। आयुष्मान मित्र हर सीएचसी पर भर्ती किए गए हैं जो फ्री में गोल्डन कार्ड बना रहे हैं। इसका नतीजा है कि पिछले एक पखवाड़ा में पांच हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। वहीं अब तक जिले में 2956 लोग तीन करोड़ रुपये से अधिक का इलाज ले चुके हैं। - गौरव गोयल, आयुष्मान कोआर्डीनेटर
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