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अफगानिस्तान में अशांति से बढ़े मेवा के दाम

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18एमएनपी-06-शहर में एक दुकान पर बिक्री के लिए रखे मेवा - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। अफगानिस्तान में अशांति का असर त्योहारी सीजन पर भी पड़ा है। सावन के महीने में सूखी मेवा के दाम तेजी से बढ़े हैं। सूखी मेवे के दामों में तीन सौ से पंाच सौ रुपये प्रति किलो तक बढ़ोत्तरी हुई है। इसका सीधा असर त्योहार पर घरों में बनाए जाने वाले पकवानों पर भी पड़ा है। दुकानदार सितंबर के महीने में सूखी मेवा के और अधिक महंगा होने की आशंका जता रहे हैं।
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अफगानिस्तान के हालातों के बाद किराना बाजार में महंगाई बढ़ गई है। सावन माह में सूखी मेवा महंगी होने से घर का बजट भी गड़बड़ा गया है। अफगानिस्तान से आने वाली सूखी मेवा की आवक रुक जाने से बाजार पर महंगाई का असर नजर आने लगा है। सावन माह सहित रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर घरों में सूखी मेवा का उपयोग ज्यादा किया जाता है।
दुकानदारों का कहना है कि सितंबर माह में सूखी मेवा और अधिक महंगी हो जाएगी। अफगानिस्तान के हालातों के शांत होने पर ही सूखी मेवा के दाम कम होंगे। कोरोना काल में प्रभावित व्यापार को अफगानिस्तान की अशांति ने एक बार फिर झकझोर दिया है।
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बढ़े हुए दामों पर एक नजर-
मेवा एक सप्ताह पहले वर्तमान दाम
मुनक्का 700 रुपये 800 रुपये
अंजीर 1000 रुपये 1400 रुपये
हरा पिस्ता 1800 रुपये 2000 रुपये
बादाम अब्दुल वेदी 900 रुपये 1400 रुपये
काजू 800 रुपये 1000 रुपये
बादाम 600 रुपये 1100 रुपये
अखरोट 600 रुपये 900 रुपये
(नोट-सभी भाव प्रति किलो के हिसाब से हैं।)
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सूखी मेवा का आयात अफगानिस्तान से होता है। अफगानिस्तान की अशांति का असर किराना बाजार पर पड़ा है। कोरोना काल में किराना का व्यापार प्रभावित होने के बाद सूखी मेवा महंगी होने से एक बार फिर किराना का व्यापार प्रभावित हुआ है।
भगवान दयाल गुप्ता भन्नू, किराना व्यापारी
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अफगानिस्तान की अशांति से बाजार पर असर पड़ा है। सावन माह शुरू होने से जन्माष्टमी तक घरों में सूखी मेवा की खपत होती है। मुहर्रम के त्योहार पर भी सूखी मेवा की जमकर बिक्री होती है। सूखी मेवा महंगी होने से दुकानदारी पर भी असर पड़ा है।
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गौरव जैन, किराना दुकानदार
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