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जमीन कब्जा मामला: एसओ और बिल्डर पर इनाम घोषित करने की तैयारी, पीड़ित परिवार ने डीजीपी से लगाई थी मदद की गुहार

Wed, 10 Jan 2024 01:25 PM IST
भूपेन्द्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में जमीन कब्जा के मामले में फर्जी केस में परिवार को जेल भेजने वाले एसओ और बिल्डर पर इनाम घोषित करने की तैयारी है। पीड़ित परिवार ने डीजीपी से मदद की गुहार लगाई थी। 
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थाना जगदीशपुरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में बेशकीमती जमीन पर भू माफिया की नजर है। 10 हजार गज ही नहीं, सैकड़ों बीघा जमीन पर कब्जे के मामले आ चुके हैं। जगदीशपुरा में नाथ का बाग की जमीन पर कब्जा कर लिया गया था। एत्मादपुर में करोड़ों की जमीन पर फर्जी मालिक बनकर बेचा गया था। पुलिस ने दोनों ही मामलों में कार्रवाई की थी।

तहसील से मांगी रिपोर्ट

डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि जिस जमीन पर कब्जा किया गया, वह जमीन उमा देवी की बताई गई है। पुलिस को जो दस्तावेज दिखाए जा रहे हैं, वो पर्याप्त नहीं है। इसलिए तहसील से रिपोर्ट मांगी गई है। सीआरपीसी की धारा 91 के तहत नोटिस देकर पूछा गया है कि जमीन तहसील में किसके नाम पर है। पिछले 4-5 साल में कोई परिवर्तन तो नहीं किया गया। कोई वाद तो पहले से दर्ज नहीं है।

इनाम की तैयारी

थाना जगदीशपुरा में दर्ज मुकदमे में आरोपी फरार तत्कालीन एसओ जितेंद्र कुमार, बिल्डर कमल चौधरी सहित अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश का दावा कर रही है। मगर, तीन दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ ही है। इस पर इनाम की तैयारी की जा रही है। आरोपियों पर दबिश के बाद इनाम घोषित किया जाएगा।

कार्रवाई में देरी पड़ी भारी

पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह के स्थानांतरण के पीछे कार्रवाई में देरी को भी एक वजह माना जा रहा है। फर्जी मुकदमे दर्ज कर जेल भेजने के बाद पीड़ितों ने डीजीपी से गुहार लगाई थी। इस पर जांच हुई। मगर, मामला चर्चा में आने के बाद एसओ सहित तीन को निलंबित गया। मुकदमा भी देरी से लिखा गया। लखनऊ तक मामले की गूंज थी।

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अब बैनारा फैक्टरी के पास 10 हजार गज जमीन का मामला सुर्खियों में है। इसमें परिवार को फर्जी मुकदमे में जेल भेजकर कब्जा जमाया गया। इस जमीन के पास और भी जमीन है। इन पर भी भू माफिया की नजर है। अवैध कब्जे से लेकर फर्जी एग्रीमेंट तक की शिकायत तहसील से लेकर पुलिस अधिकारियों के पास पहुंच रही हैं। पीड़ितों को एक दफ्तर से दूसरे के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पुलिस जांच करेगी तो कई और मामले निकल आएंगे।

ये मामले रहे चर्चा में

  • जगदीशपुरा के गढ़ी भदौरिया स्थित नाथ का बाग में 6 बीघा जमीन पर प्राचीन उदयनाथ मंदिर, एक धर्मशाला और मैनेजर के रहने के लिए दो मकान थे। यह जमीन फर्जी दस्तावेज से बिल्डर को बेच दी गई। इसमें कॉलोनी बना दी गई। 126 मकान बने थे। वर्ष 2017 में मैनेजर के परिवार के इंजीनियर ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। इस पर जांच हुई थी। वर्ष 2018 में थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज हुआ। बिल्डर रवि बंसल सहित अन्य को जेल भेजा गया था। 
  • दिसंबर 2022 में एत्मादपुर में 32 बीघा जमीन को बेच दिया गया था। जमीन की कीमत 8 से 10 करोड़ थी। इसे आधी से कम कीमत में बेचा गया था। मामले की शिकायत हुई तो मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

 

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