कोरोना से जंग में फ्रंटलाइन पर महिलाएं भी खड़ी हैं। महिला डॉक्टर, नर्स मरीजों की जान बचा रहीं हैं। महिला पुलिसकर्मी व्यवस्था बनाए हुए हैं। कोरोना दर्द दे रहा है तो परिजनों का मनोबल भी महिलाएं ही बढ़ा रही हैं। सबका ध्यान रखने वाली महिला को खुद का ध्यान रखना भी जरूरी है। खासकर गर्भवती महिलाओं को। दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक है। अपना और गर्भस्थ शिशु का विशेष ध्यान रखें।
आगरा के नवदीप हॉस्पिटल, साकेत कॉलोनी की निदेशक वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपमा शर्मा का कहना है कि महिलाएं वायरस से बचाव की गाइड लाइन का हर हाल में पालन करें जैसे हाथ धोना, मास्क पहनना और दो गज की दूरी। भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें। गर्भावस्था में चिकित्सकीय जांच जरूरी है पर जब डॉक्टर बुलाए तभी जाना चाहिए। जितना हो सके डॉक्टर से फोन पर परामर्श लें।
उन्होंने बताया कि गर्भावस्था में वैक्सीनेशन के बारे में ज्यादा डाटा उपलब्ध नहीं है इसलिए अभी वैक्सीन गर्भवती महिलाओं को लगाई नहीं जा रही है। कोरोना के हल्के लक्षणों का गर्भावस्था में विशेष असर नहीं होता लेकिन गंभीर लक्षण हो जाने पर सावधानी जरूरी है।