आगरा में सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। निर्मााण के छह महीने बाद ही सड़क पर जगह-जगह 10 फीट तक गहरे गड्ढे हो गए। सड़क का निर्माण 50 लाख रुपये की लागत से किया गया था।
आगरा के बालाजीपुरम क्षेत्र में सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की शनिवार को कलई खुल गई। छह माह पहले निर्मित सड़क 400 मीटर हिस्से में चार जगह धंस गई। स्कूल के सामने 10-10 फीट गहरे गड्ढे होने से विद्यार्थियों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।
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नगर निगम ने करीब छह महीने पहले अक्तूबर 2025 में 50 लाख से अधिक की लागत से बालाजीपुरम होते हुए अलबतिया तक सड़क बनाई थी। सड़क के नीचे मिट्टी नहीं भरी गई। खोखली सड़क शनिवार को चार अलग-अलग जगहों पर धंस गई है, जहां 10-10 फीट गहरे जानलेवा गड्ढे हो गए हैं। सबसे ज्यादा खतरा जीएल पब्लिक स्कूल के गेट के सामने बना गड्ढा है।
सिर्फ छह माह में ही सड़क के धंसने से उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार और नगर निगम के अभियंताओं की मिलीभगत से घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।
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बर्बाद किया जा रहा जनता का पैसा
भाजपा नेता केके भारद्वाज ने मौके पर पहुंचकर नई सड़क धंसने पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पिछले 15 वर्षों से यहां सिर्फ खुदाई और कागजी मरम्मत का खेल चल रहा है। उन्होंने बताया कि 2009 में सीवर लाइन डाली गई और पहली बार सड़क बनी। फिर 2018 में सड़क जर्जर होने पर दोबारा जनता का पैसा खर्च कर निर्माण हुआ। 2021-22 में गंगाजल पाइपलाइन के नाम पर फिर सड़क खोदी गई। इसके बाद अक्तूबर 2025 में नगर निगम ने पुनः नई सड़क बनाई थी, जो छह महीने भी नहीं टिकी।