सोरों(कासगंज)। कस्बे के डाकघर में निवेशकों के साथ हुई घोटालेबाजी की जांच के लिए डाक विभाग ने टीम गठित कर दी है। सहायक डाक अधीक्षक को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच टीम ने गुरुवार को निवेशकों के बयान दर्ज किए हैं। उनसे डाकघर संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। अधिकांश के पास डाक विभाग की पासबुक नहीं हैं।
सोरों के डाकघर की एजेंट मृदुला अग्रवाल एवं उनके बेटे आशीष अग्रवाल ने निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की है। आशीष एलआईसी का एजेंट है। निवेशक विजय कुमार के नेतृत्व में जांच टीम बना दी है। टीम में सोरों के पोस्टमास्टर सुभाष द्विवेदी को भी शामिल किया गया है। अधिकांश उपभोक्ता टीम के सामने बयान दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन उनके पास डाकघर की पासबुक ही नहीं थी और न ही उन्हें खातों की संख्या पता है। ऐसे में डाक विभाग यह स्पष्ट नहीं कर पा रहा कि उपभोक्ताओं के खाते में कितनी धनराशि है। एजेंट ने खातों में धनराशि जमा की है या नहीं। खातों की जानकारी के लिए जांच टीम ने उपभोक्ताओं से उनके आधार कार्ड मांगे हैं।
यह जालसाजी योजनाबद्ध तरीके से की गई। सोरों में जालसाज मां बेटे का मकान भी है, लेकिन मां बेटे ने बैंक में यह मकान पहले ही गिरवी रख दिया है। मकान के अलावा किराए की दुकान में मौजूद कपड़े की जमानत पर ढाई लाख रुपये केनरा बैंक से जालसाज आशीष ने लिए हैं।
विवेचक भी जुटा रहे साक्ष्य, सबूत
कासगंज। मामले की विवेचना कर रहे विवेचक वरिष्ठ उपनिरीक्षक मोहर सिंह भी इस मामले में साक्ष्य और सबूत जुटाने में लगे हुए हैं। विवेचक ने उपभोक्ताओं से खाते से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। विवेचक डाकघर में भी खातों का ब्योरा देखेंगे।
एक नजर-
- 260 से अधिक उपभोक्ता अब तक आए सामने।
- 50 से 80 लाख रुपये तक का बताया जा रहा है घोटाला
- जांच अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। हम उनके सहयोगी के रूप में काम करते हुए खातों का ब्योरा खंगाल रहे हैं। सभी उपभोक्ताओं से उनके आधार कार्ड मांगे गए हैं।
-सुभाष द्विवेदी, पोस्टमास्टर।