सीएम ग्रिड सड़क परियोजनाओं की धीमी प्रगति और खराब गुणवत्ता पर नगर आयुक्त ने कार्यदायी संस्थाओं को कड़ी चेतावनी दी है। समय पर काम पूरा नहीं होने या गुणवत्ता में कमी मिलने पर नोटिस, विलंब दंड, अनुबंध निरस्त करने और ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएम ग्रिड की सड़कों के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही और गड़बड़ियों से खराब हो रही साख पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई थी। अमर उजाला ने लगातार सीएम ग्रिड की सड़कों की तस्वीर सामने रखी। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने समीक्षा की तो सीएम ग्रिड के कामों की गुणवत्ता और रफ्तार को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि काम शुरू हुए लंबा समय हो गया, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।
बैठक में नगर आयुक्त ने कार्यदायी संस्थाओं से कहा कि वह तत्काल श्रमिकों की संख्या बढ़ाएं। सुपरवाइजर, इंजीनियर, वाहन, मशीनरी लगाकर तय समय में काम पूरा करें। अगर कार्यों की गति में तत्काल सुधार नहीं हुआ और गुणवत्ता ठीक न मिली तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार विलंब दंड, अनुबंध निरस्तीकरण, ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति की जाएगी। संबंधित कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने इंजीनियरों से कहा कि हर दिन मौके पर जाएं और फोटो के साथ रिपोर्ट दें। गुणवत्ता खराब मिली तो इंजीनियर की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।
बैरिकेडिंग, बोर्ड लगाकर सुरक्षित करें खुदाई स्थल
नगर आयुक्त ने सभी कार्यस्थलों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टिव टेप, साइन बोर्ड तथा रात्रि में रोशनी रखने के निर्देश दिए, ताकि कोई हादसा न हो। धूल नियंत्रण को नियमित पानी का छिड़काव, मलबा निस्तारण और साफ-सफाई की व्यवस्था करने पर जोर दिया। सीएम ग्रिड की सड़कों का निर्माण कालिंदी विहार रोड, बसई मंडी से इंद्रापुरम, सुभाष पार्क से कोठी मीना बाजार और अमर होटल से इंद्रापुरम तक किया जा रहा है।
संभव दिवस में सीवर, सड़क की शिकायतें
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने संभव दिवस में जनसुनवाई की, जिसमें सीवर जाम, जलनिकासी, गंदगी, सड़क मरम्मत की शिकायतें आईं। इस दौरान अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार और सहायक नगरआयुक्त अशोक प्रिय गौतम भी मौजूद रहे।