फिरोजाबाद ! नगरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगला बरी पर दवाओं की कमी होने पर खाली पड़ी दराज
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फिरोजाबाद। मेडिकल कॉलेज से लेकर देहात क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्र दवाओं की किल्लत है। आलम यह है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर एलर्जी और दर्द तक की दवा नहीं है।
इलाज के भरोसे आने वाले मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, दवाएं कॉर्पोरेशन से ही नहीं आ रही हैं। ऐसे में दवाओं के लिए अस्पताल के सामने नगर निगम मार्केट में बनीं दवाओं की दुकानों पर भीड़ रहती है।
मेडिकल कॉलेज में दवाओं का अभाव है। आंखों की दवाएं लंबे समय से नहीं आ रही है। इसके साथ ही नाक, कान और गले से पीड़ित मरीजों के लिए ड्रॉप भी उपलब्ध नहीं है। हालांकि आवश्यकतानुसार चिकित्सक मरीजों को दवाएं लिखते हैं। ऐसे में मरीजों को मजबूरन बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ती है। इसी प्रकार बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम के मरीज भी बढ़ गए हैं लेकिन अस्पताल में एनटी एलर्जिक दवा सिटरजिन टेबलेट भी नहीं है।
कम दर्द हो फिर भी तेज दर्द की दवा खाओ
मरीजों को चिकित्सक दर्द के हिसाब से दवा को लिखते हैं। सामान्य दर्द में डायक्लोफेनिक टैबलेट दी जाती है लेकिन यह टैबलेट भी लंबे समय से अस्पताल में नहीं हैं। इसके स्थान पर ज्यादा दर्द की हैवी डोज आइड्रोस्ट्रिन टैबलेट दी जा रही है। कफ सीरफ भी अस्पताल में नहीं है। यदि कोई चिकित्सक मरीज को लिख देता है तो उसे सौ शैय्या अस्पताल में भेज दिया जाता है।
कुछ दवाएं हैं, जो कॉर्पोरेशन से नहीं आ रही हैं। हम शासन को लगातार रिमांइडर भेज रहे हैं। अनुपलब्ध दवाओं का विकल्प हमारे पास मौजूद है। इस कारण हम मरीजों को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होने दे रहे हैं।
डॉ. एसएन गुप्ता, सीएमएस
मेडिकल कॉलेज