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बूंद-बूंद की समझी कीमत: आगरा में वर्षा जल सहेजने के लिए मानसून से पहले गांवों में खोदवाए तालाब

Wed, 07 Jul 2021 01:15 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा जिले में पानी की किल्लत से जूझ रहे गांवों में मनरेगा योजना के तहत तालाबों की खोदाई कराई जा रही है। ये तालाब बारिश में लबालब पानी से भर होंगे। 
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गांव के बाहर खोदवाया गया तालाब - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा जिले में कुएं सूख गए और जमीन में कुछ हाथ नीचे मिलने वाला पानी अब पाताल में पहुंच गया है। हर साल भूगर्भ जल 40 फुट तक नीचे गिर रहा है। 300 से 450 फुट तक बोरिंग के बाद पानी मिल भी रहा है तो फ्लोराइड और आर्सेनिक की मात्रा मानक से कई गुना ज्यादा निकल रही है जो खारा होने के कारण किसी उपयोग का नहीं। 

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ऐसे में बारिश की हर बूंद की कीमत उन लोगों ने समझी जो इसकी किल्लत का सामना कर रहे हैं। गांव में मानसून से पहले नए तालाबों की खोदाई और पुराने तालाबों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। ग्राम प्रधानों ने सरकार की मनरेगा योजना के तहत तालाबों की खोदाई के जरिए पानी की हर बूंद को सहेजने की कवायद शुरू की है। 

रायभा : तालाब के लिए उठाई कुदाल
किरावली के ग्राम पंचायत रायभा के मजरा नगला लालदास में मनरेगा के तहत गांव के मजदूर तालाब की खोदाई कर रहे हैं। मानसून से पहले तालाब की खोदाई को पूरा करने का प्रयास है ताकि बारिश में ताल पूरा भर जाए। 

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खंड विकास अधिकारी अछनेरा नवीन कुमार के मुताबिक रायभा की तरह 57 तालाबों की खोदाई इस मानसून में कराई जा रही है। ब्लॉक में 57 तालाब खोदने के बाद बारिश का पानी व्यर्थ नहीं जाएगा। यहां 25 तालाबों की खोदाई हो चुकी है। इनमें पानी नहीं छोड़ा गया है। 

सूरजपुरा : सौंदर्यीकरण का काम भी शुरू
शमसाबाद के सूरजपुरा गांव में तालाब का काम पूरा करने के बाद अब सौंदर्यीकरण का काम शुरू किया गया है। तालाब के किनारे मानसून में पौधे लगाए जाएंगे ताकि नमी से पनप सकें। एपीओ शिवेंद्र ने बताया कि 39 ग्राम पंचायतों में तालाब खोदाई और 159 सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का काम कराया जा रहा है। इससे भूगर्भ जल में आ रही गिरावट पर अंकुश लग सके गा।

महाराजपुर : 70 ग्राम पंचायतों में 120 तालाब
फतेहाबाद के गांव महाराजपुर गांव में गांव के लोग सहयोग करते हुए तालाब की खोदाई में जुटे हैं। प्रधान निहाल सिंह के मुताबिक 1.79 लाख रुपये तालाब की खोदाई पर खर्च होंगे। खंड विकास अधिकारी मंगल यादव ने बताया कि फतेहाबाद में 70 ग्राम पंचायतों में 120 तालाब खोदे जा रहे हैं।

फतेहपुर सीकरी : 51 का लक्ष्य, 30 की खोदाई
सीकरी में पानी की किल्लत से मुगल बादशाह अकबर को अपनी राजधानी बदलनी पड़ी थी। यहां 57 ग्राम पंचायतों में 51 तालाब खोदने का लक्ष्य मिला है। फिलहाल मनरेगा से 30 तालाबों की खोदाई का काम चल रहा है।
 
घरों, गलियों में जलभराव से मिलेगी मुक्ति
बारिश में बाह के मिढ़कौली और धोबई में घरों में पानी भरने के साथ गलियों में पानी भरता था, पर इस बार तालाबों की खोदाई, सफाई होने से जलभराव से मुक्ति मिल सकेगी। एडीओ पंचायत लक्ष्मीराज यादव ने बताया कि नालियों का पानी अब गलियों में भरने की जगह सीधे तालाब में पहुंचेगा। बारिश का पानी रोकने के साथ 3 हजार लोग जलभराव से परेशान नहीं होंगे। 

पाताल में पहुंचा पानी
सूरजपुरा के ग्राम प्रधान भूरी सिंह ने बताया कि तालाब में पानी रहेगा तो भूगर्भ जल में भी गिरावट कम होगी। बारिश का पानी रोकने का इससे अच्छा कोई उपाय नहीं। हमारे खेतों में पानी पाताल में पहुंच चुका है। 
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बारिश की एक-एक बूंद सहेजेंगे
रायभा ग्राम प्रधान रवि शर्मा ने कहा कि हमने मनरेगा योजना से मजदूरों से तालाब की खोदाई करवा दी है अभी पानी नही भरवाया है। मानसून की बारिश का एक एक बूंद पानी इसी तालाब में पहुंच जाएगा। 

खेती में भी आएगा काम
सोनीखेड़ा के प्रधान संजीव कुमार ने कहा कि हर आदमी सबमर्सिबल नहीं लगवा सकता। जलस्तर पाताल में पहुंच गया है। ऐसे में केवल तालाब हैं जो पानी बचा सकते हैं। जरूरत के साथ खेती में भी यही पानी काम आएगा। 
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