कासगंज। देश में लॉकडाउन के बीच शहर के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। जनपद में लॉकडाउन से पूर्व सामान्य दिनों में चिंताजनक स्थिति 150 से 200 तक पहुंचने वाला वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अब 50 से 55 हो गया है। सामान्यता 50 तक वायु गुणवत्ता सूचकांक शुद्ध वायु का सूचक होता है।
जनपद में करीब 16 लाख की आबादी है। कॉमर्शियल, प्राइवेट व निजी वाहन मिलाकर भी अनुमानित 8 लाख से अधिक वाहन हैं। जब यह सड़क पर दौड़ते हैं साथ ही अन्य बाहरी वाहनों का दबाव भी होता है। इसके अलावा फैक्ट्रियों आदि से होने वाले प्रदूषण के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 150 से 200 तक पहुंच सकता है।
50 से ऊपर जब भी वायु गुणवत्ता सूचकांक पहुंचता है तो यह उस शहर की वायु प्रदूषित होने का सूचक होता है। 100 से अधिक जब भी वायु प्रदूषण पहुंचता है तो यह श्वांस, एलर्जी वाले मरीजों समेत सामान्य लोगों के लिए भी खतरनाक होता है। लॉकडाउन के बीच इस समय सड़क पर कुछ एक वाहन ही नजर आते हैं। फैक्टरियां आदि भी बंद हैं। इससे जिले की हवा शुद्ध हो गई है।
50 तक वायु गुणवत्ता सूचकांक का पहुंचना जनपद निवासियों के लिए अच्छा है, लॉकडाउन के कारण राजधानी दिल्ली भी इस समय प्रदूषण रहित हैं। लोगों को इस शुद्ध हवा का लाभ लेना चाहिए। घरों की छतों पर व्यायाम कर अपने शरीर को स्वस्थ्य बना सकते हैं- डॉ.राजकुमार माहेश्वरी, फिजीशियन।